Gamharia PDS Ration: सरस्वती माता महिला समिति की सचिव मंजू देवी ने बताया कि सितंबर 2025 से शिव शक्ति महिला समिति के लाभुकों को उनके साथ टैग (जोड़) किया गया था. नियमों के मुताबिक, टैग किए गए इन नए लाभुकों के हिस्से का अनाज भी समिति को मिलना चाहिए था, लेकिन कई महीनों से अतिरिक्त अनाज का आवंटन नहीं हुआ है. इस तकनीकी और प्रशासनिक चूक के कारण डीलर के पास राशन कम पड़ रहा है और गरीब जनता खाली हाथ लौट रही है.
अधिकारियों की बेरुखी से नाराजगी
समिति के सदस्यों ने इस गंभीर मुद्दे पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन वहां से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद सोमवार को जब समिति के सदस्य गम्हरिया प्रखंड कार्यालय पहुंचे, तो वहां का अनुभव और भी बुरा रहा. आरोप है कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) ने उनकी लिखित शिकायत लेने से साफ इनकार कर दिया. अधिकारियों के इस अड़ियल रवैये से राशन कार्ड धारकों और समिति सदस्यों में भारी आक्रोश है.
गरीबों के सामने खाद्य संकट
अनाज का आवंटन न होने से सैकड़ों कार्ड धारकों को हर महीने बैरंग लौटना पड़ रहा है. समिति का कहना है कि प्रशासन की इस सुस्ती और उदासीनता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के दिहाड़ी मजदूरों और बीपीएल परिवारों के घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है. लाभुकों ने इसे सीधे तौर पर उनके मौलिक अधिकारों का हनन बताया है और मांग की है कि रुके हुए कोटे का अनाज तुरंत जारी किया जाए.
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
नाराज ग्रामीणों और समिति सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राशन का आवंटन नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे. उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है. फिलहाल, गम्हरिया प्रखंड में राशन वितरण की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है, जिसका खामियाजा केवल आम जनता भुगत रही है.