Jamshedpur: मुसाबनी प्रखंड के फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत अंतर्गत भालूबासा टोला में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने गांव के लोगों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और हर संभव समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने भी पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उठी चिंता
संवाद के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी परेशानी होती है, क्योंकि समय पर एंबुलेंस या ममता वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता। इस पर उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत पंचायत के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराने की पहल की जाएगी।
मोबाइल नेटवर्क और प्रमाण पत्र में देरी की समस्या
ग्रामीणों ने क्षेत्र में कमजोर मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी उठाई। इस पर संबंधित अधिकारियों को मोबाइल टावर लगाने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं जाति प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए पंचायत सचिव के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश भी दिया गया।
अनाथ बच्चों के लिए विशेष पहल
उपायुक्त ने दौरे के दौरान दो अनाथ बच्चों से मुलाकात की और उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकारी योजना के तहत उन्हें स्कूल में नामांकन कराने और छात्रावास में भेजने के लिए उनके अभिभावकों को प्रेरित किया।
पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं पर भी चर्चा
ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए, जिनमें मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना, दोलमाबेड़ा झरना को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना, सड़कों का निर्माण और आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं।
समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
उपायुक्त ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
इस अवसर पर पंचायत के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों ने अपनी बात खुलकर रखी और प्रशासन से सहयोग की उम्मीद जताई।