Gold Silver Price: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना 1,37,377 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक नीचे आया. वहीं चांदी 2,13,166 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गई. बाजार में आई इस तेज गिरावट ने खरीदारों, कारोबारियों और निवेशकों तीनों का ध्यान खींचा है.
घरेलू बाजार में क्यों चर्चा में रहा सोना
आज की गिरावट इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि सुरक्षित निवेश समझे जाने वाले सोने में इस बार लगातार कमजोरी दिखी. आमतौर पर वैश्विक तनाव के दौर में सोना मजबूत माना जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग नजर आए. चांदी में भी तेज दबाव दिखा और दोनों धातुएं निचले स्तर पर कारोबार करती रहीं.
विदेशी बाजार से मिला संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव में भी बड़ी गिरावट देखी गई. रिपोर्टों के मुताबिक स्पॉट गोल्ड 4,097.99 डॉलर प्रति औंस तक लुढ़क गया. बाद में इसमें हल्की रिकवरी जरूर आई, लेकिन कीमत 4,203.21 डॉलर प्रति औंस के आसपास ही रही. यह स्तर पिछले कई महीनों के निचले दायरे के करीब माना जा रहा है.
क्यों गिरा सोने का भाव
बाजार जानकारों के अनुसार गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह बढ़ती महंगाई की चिंता है. मिडिल-ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम चढ़े हुए हैं और ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है. तेल महंगा होने से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है. ऐसे में निवेशकों को लग रहा है कि बड़े केंद्रीय बैंक जल्द ब्याज दरों में राहत नहीं देंगे.
ब्याज दर का सोने से क्या रिश्ता
सोने पर किसी तरह का ब्याज नहीं मिलता. इसलिए जब बाजार में ऊंची ब्याज दरें लंबे समय तक बने रहने की आशंका होती है, तब कई निवेशक सोने से पैसा निकालकर दूसरी जगह लगाने लगते हैं. यही वजह है कि इस समय गोल्ड पर दबाव बढ़ा हुआ है.
डॉलर की मजबूती ने और बिगाड़ी चाल
सोने और चांदी की कमजोरी में डॉलर की तेजी भी एक अहम वजह मानी जा रही है. डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुएं अक्सर दबाव में आ जाती हैं. इस बार भी वही रुझान देखने को मिला. निवेशकों का रुख डॉलर की तरफ बढ़ने से गोल्ड और सिल्वर की चमक फीकी पड़ गई.
नुकसान की भरपाई के लिए बिकवाली
विश्लेषकों का कहना है कि जब दूसरे बाजारों में नुकसान बढ़ता है, तब कुछ निवेशक नकदी जुटाने के लिए सोना भी बेचते हैं. इस बार भी ऐसी मजबूर बिकवाली देखने को मिली. इससे पहले से दबाव झेल रहे बाजार में गिरावट और तेज हो गई.
खरीदारों और निवेशकों पर क्या असर
जो लोग शादी-ब्याह, गहनों या निवेश के लिए खरीदारी की सोच रहे हैं, उनके लिए यह नरमी राहत बन सकती है. वहीं ऊंचे स्तर पर सोना या चांदी खरीद चुके निवेशकों को फिलहाल नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. बाजार के जानकार मानते हैं कि अभी जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए, क्योंकि उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
आगे क्या रहेगा अहम
अब सोने और चांदी की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि मिडिल-ईस्ट का तनाव कितना बढ़ता है, कच्चे तेल की चाल कैसी रहती है, डॉलर कितना मजबूत रहता है और केंद्रीय बैंकों की तरफ से ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत मिलते हैं. फिलहाल इतना साफ है कि कीमती धातुओं का बाजार अभी स्थिर नहीं हुआ है.