West Bengal Big News: नंदीग्राम के रेयापारा में निर्माणाधीन राम मूर्ति को निशाना बनाए जाने के बाद भाजपा समर्थकों ने सड़क जाम कर जमकर नारेबाजी की. हालात बिगड़ते देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर सीधे तौर पर ममता सरकार पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कृत्य "जिहादी मानसिकता" वाले लोगों का है, जिन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है और जो हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाना चाहते हैं.
वोट बैंक की राजनीति का आरोप
सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार करते हुए इसे सोची-समझी साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि रामनवमी से ठीक पहले इस तरह की घटनाएं हिंदू समाज को उकसाने के लिए की जाती हैं ताकि ध्रुवीकरण का लाभ उठाया जा सके. सुवेंदु का दावा है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है क्योंकि टीएमसी अपने खास वोट बैंक को खुश रखने के लिए अपराधियों पर लगाम नहीं कसती. उन्होंने राज्य सरकार को "हिंदू विरोधी" बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
हार के डर से हिंसा का सहारा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने इस घटना को टीएमसी की राजनीतिक हताशा से जोड़ा है. मजूमदार का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव हारने के डर से कायरतापूर्ण हमले करवा रही है. उन्होंने बरानगर विधानसभा सीट का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा प्रत्याशी सजल घोष की बढ़ती लोकप्रियता से टीएमसी डरी हुई है. सुकांता के अनुसार, बिना हिंसा और सांप्रदायिक तनाव पैदा किए अब ममता बनर्जी की पार्टी के लिए चुनाव जीतना नामुमकिन हो गया है.
कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने बंगाल में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और तुष्टीकरण के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है. भाजपा नेताओं का तर्क है कि प्रधानमंत्री मोदी के बढ़ते प्रभाव से घबराकर राज्य सरकार अराजक तत्वों को बढ़ावा दे रही है. सुकांता मजूमदार ने दावा किया कि राज्य की जनता अब सच्चाई समझ चुकी है और चुनाव में भारी मतों से भाजपा को जिताकर इस गुंडागर्दी का जवाब देगी. फिलहाल, नंदीग्राम में स्थिति नाजुक बनी हुई है और भाजपा ने इस मामले को लेकर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.