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  • 2026-03-22

Jharkhand High Court: सजा पूरी होने पर भी फहीम खान की रिहाई नहीं, झारखंड हाई कोर्ट ने गृह सचिव और जेल आईजी को थमाया नोटिस

Jharkhand High Court: झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत में धनबाद के वासेपुर के चर्चित नाम फहीम खान की रिहाई को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर अहम सुनवाई हुई. फहीम खान का पक्ष है कि उन्होंने अपनी निर्धारित सजा पूरी कर ली है, फिर भी उन्हें जेल से मुक्त नहीं किया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने राज्य सरकार के गृह सचिव और जेल आईजी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर इस विलंब पर जवाब तलब किया है. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि पिछले आदेशों के बावजूद अब तक इस मामले में ठोस निर्णय क्यों नहीं लिया गया.

सजा पुनरीक्षण बोर्ड के फैसले पर उठे सवाल
प्रार्थी की अधिवक्ता आकृति श्री ने कोर्ट को बताया कि फहीम खान को एक मामले में आजीवन कारावास की सजा मिली थी और वह 20 साल से अधिक का समय जेल की सलाखों के पीछे बिता चुके हैं. पूर्व में जब उनकी रिहाई के लिए सजा पुनरीक्षण बोर्ड के समक्ष आवेदन दिया गया था, तो बोर्ड ने उसे यह कहकर खारिज कर दिया था कि फहीम खान एक गैंगस्टर है. बोर्ड का तर्क था कि यदि वह जेल से बाहर आता है, तो समाज की शांति और सुरक्षा भंग होने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है, जिसके बाद मामला दोबारा उच्च न्यायालय की शरण में पहुंचा.

हाई कोर्ट के पिछले आदेश की अनदेखी का आरोप
अदालत ने पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि फहीम खान के आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उचित निर्णय लिया जाए. हालांकि, महीनों बीत जाने के बाद भी सरकार और जेल प्रशासन की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया, जिसे प्रार्थी ने कोर्ट की अवमानना करार दिया है. फहीम खान के समर्थकों और कानूनी टीम का दावा है कि नियमों के तहत सजा पूरी करने के बाद रिहाई उनका अधिकार है, जबकि प्रशासन सुरक्षा कारणों का हवाला देकर इस प्रक्रिया को लटकाए हुए है.

इस अवमानना याचिका ने अब गृह विभाग और जेल महानिरीक्षक की मुश्किलों को बढ़ा दिया है, जिन्हें अब अदालत के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी. वासेपुर में फहीम खान का नाम दशकों तक अपराध जगत में सुर्खियों में रहा है, ऐसे में उनकी संभावित रिहाई धनबाद के स्थानीय प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था की एक बड़ी चुनौती बन सकती है. फिलहाल, सभी की नजरें सरकार के जवाब पर टिकी हैं कि क्या वह सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता देगी या फिर सजा पूरी होने के कानूनी आधार पर फहीम खान की जेल से बाहर आने का रास्ता साफ होगा.
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