Seraikela Factory Pollution: सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में संचालित स्पंज आयरन कारखानों से निकलने वाले जहरीले काले धुएं ने स्थानीय ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है. इन फैक्ट्रियों की चिमनियों से दिन रात निकलने वाला प्रदूषित धुआं पूरे चौका और आसपास के रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले चुका है. आलम यह है कि सूरज ढलते ही पूरा इलाका धुंध की चादर में लिपट जाता है जिससे न केवल दृश्यता कम हो रही है बल्कि लोगों को सांस लेने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
घरों और आंगनों में जमी राख की परत
फैक्ट्रियों से निकलने वाली कालिख और जहरीली धूल ने लोगों के रोजमर्रा के जीवन को नर्क बना दिया है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह उठते ही घरों, आंगनों और छतों पर काले डस्ट की मोटी परत जमी मिलती है जिससे खान पान की चीजों को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है. हवा में फैले ये सूक्ष्म कण पेड़ों के पत्तों और जलस्रोतों को भी बुरी तरह प्रदूषित कर रहे हैं जिससे आने वाले समय में खेती और मवेशियों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका गहरा गई है.
प्रदूषण विभाग की मिलीभगत का आरोप
क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के बावजूद संबंधित विभाग की निष्क्रियता ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय नागरिकों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी सब कुछ जानकर भी चुप्पी साधे हुए हैं और इसमें भारी भ्रष्टाचार की बू आ रही है. ग्रामीणों का मानना है कि विभाग की मिलीभगत के कारण ही ये कारखाने बिना किसी आधुनिक फिल्टर या नियमों का पालन किए बेखौफ होकर जहर उगल रहे हैं और पर्यावरण मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.
जिला प्रशासन से सख्त कार्रवाई की गुहार
चौका थाना क्षेत्र में बढ़ते इस जानलेवा प्रदूषण को देखते हुए अब स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उपायुक्त से मांग की है कि प्रदूषण फैलाने वाले इन स्पंज आयरन कारखानों पर तत्काल प्रभाव से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन फैक्ट्रियों की कार्यप्रणाली की जांच नहीं की और दोषी संचालकों पर जुर्माना नहीं लगाया, तो वे उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे.