Jharkhand News: राज्य में लंबे समय से रिक्त पड़े संवैधानिक और वैधानिक पदों को भरने की दिशा में हेमंत सरकार ने आखिरकार कदम बढ़ा दिए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आगामी 25 मार्च को चयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई है. इस बैठक में लोकायुक्त और सूचना आयुक्तों के खाली पदों पर नियुक्तियों को लेकर अंतिम मुहर लग सकती है. इस उच्च स्तरीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और कैबिनेट मंत्री हफीजुल अंसारी भी शामिल होंगे जिससे नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके.
हाईकोर्ट की फटकार के बाद जागी सरकार
झारखंड सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य आयुक्तों के पद पिछले कई वर्षों से खाली पड़े हैं जिससे आम जनता को सूचना के अधिकार के तहत न्याय नहीं मिल पा रहा है. मुख्य सूचना आयुक्त का पद मई 2020 से ही रिक्त है जबकि अन्य छह सूचना आयुक्तों की कुर्सियां भी लंबे समय से धूल फांक रही हैं. इस देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने भी कड़ी नाराजगी जाहिर की थी और सरकार को जल्द नियुक्तियां करने के निर्देश दिए थे. न्यायालय के इसी हस्तक्षेप के बाद अब चयन प्रक्रिया में तेजी देखने को मिल रही है.
तीन हजार से अधिक मामले लटके
लोकायुक्त का पद भी जून 2021 में जस्टिस डी.एन. उपाध्याय के आकस्मिक निधन के बाद से खाली पड़ा है. संवैधानिक पदों के रिक्त होने का सीधा असर राज्य की न्याय व्यवस्था और पारदर्शिता पर पड़ा है. अनुमान के मुताबिक सूचना आयोग और लोकायुक्त कार्यालय में वर्तमान में 3,000 से अधिक मामले लंबित हैं जो केवल सुनवाई और आदेश के इंतजार में अटके हुए हैं. 25 मार्च की बैठक के बाद यदि इन पदों पर काबिल चेहरों की तैनाती होती है तो लंबित मामलों के निपटारे में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.