Dumka : दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में अवैध बालू कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा से सटे इलाके में खुलेआम बालू की तस्करी की जा रही है, जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

जानकारी के अनुसार शिकारीपाड़ा प्रखंड के सिजुआ इलाके में भारी मात्रा में अवैध बालू का भंडारण किया जा रहा है। झुनकी नदी से पिछले कई महीनों से लगातार बालू का उत्खनन किया जा रहा है। करीब डेढ़ सौ ट्रैक्टरों के जरिए बालू निकालकर मलूटी गेट के पास सिजुआ में डंप किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक दिनभर ट्रैक्टरों से बालू लाकर यहां जमा किया जाता है और शाम होते ही 25 से 30 हाइवा और ट्रकों के जरिए इस बालू को पश्चिम बंगाल भेज दिया जाता है। इस अवैध कारोबार के कारण सरकार को भारी राजस्व क्षति हो रही है।
कुछ दिन पूर्व शिकारीपाड़ा के अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर सिजुआ पहुंचे थे। वहां भारी मात्रा में अवैध रूप से जमा बालू को देखकर वे भी हैरान रह गए थे। उन्होंने मौके पर ही शिकारीपाड़ा पुलिस को सूचना देकर अवैध बालू को जब्त कर प्रखंड परिसर में लाने का निर्देश दिया था।
हालांकि बाद में इस संबंध में पूछे जाने पर अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर ने बताया था कि संबंधित क्षेत्र का कुछ हिस्सा झारखंड में और कुछ हिस्सा पश्चिम बंगाल में पड़ता है, इसलिए मामले की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि जिस स्थान पर बालू का भंडारण किया गया है, वहां से महज 200 मीटर की दूरी पर पुलिस की गश्ती और जांच होती है। इसके बावजूद अब तक एक भी वाहन पकड़ा नहीं गया है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर बालू का अवैध कारोबार संभव नहीं है। इस अवैध खनन से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी और पर्यावरण पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है।