Jharkhand News: झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस गौतम कुमार चौधरी शुक्रवार को अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए. उन्होंने करीब साढ़े चार वर्षों तक उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दीं. जस्टिस चौधरी ने 8 अक्टूबर 2021 को झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला था. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई अहम मामलों में महत्वपूर्ण फैसले दिए और न्यायिक व्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान दिया.
न्यायिक व शैक्षणिक क्षेत्र में निभाई अहम भूमिका
उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बनने से पहले भी जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने न्यायिक और शैक्षणिक संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. वे झारखंड ज्यूडिशियल एकेडमी के निदेशक के पद पर कार्य कर चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NSUJL) में प्रभारी कुलपति के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं और विधि शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया.
इलाहाबाद हाई कोर्ट से की थी करियर की शुरुआत
जस्टिस चौधरी ने अपने न्यायिक करियर की शुरुआत उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट से की थी. वर्ष 2000 से 2011 तक वे भारतीय रेलवे के अधिवक्ता रहे. इस दौरान उन्होंने उच्च न्यायालय में दीवानी, श्रम, संवैधानिक और सेवा से जुड़े विभिन्न मामलों में भी वकालत की और अपनी पहचान बनाई.
एडवोकेट एसोसिएशन ने किया सम्मान
उनके सेवानिवृत्त होने के अवसर पर झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से एक विदाई समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया और जस्टिस चौधरी के कार्यों व व्यक्तित्व की सराहना की. इस अवसर पर झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस. एम. सोनक सहित कई न्यायाधीश भी मौजूद रहे.