Jharkhand: झारखंड के पूर्व सैनिकों के भविष्य और उनके पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व सैनिक सेवा परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन से मुलाकात की। राँची स्थित विधानसभा कार्यालय में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में पूर्व सैनिकों ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी लंबित मांगों को रखा और झारखंड के सर्वांगीण विकास में सैनिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की।
जिसमें शामिल थे विधान सभा कार्यालय में पुर्व सैनिक सेवा परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें सार्जेंट अनिरुद्ध सिंह पेटीऑफिसर सुशील कुमार सिंह पेटीऑफिसर राजीव रंजन सार्जेंट अशोक श्रीवास्तव हवलदार मिथिलेश सिंह ने जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के साथ मुलाकात कर झारखंड राज्य में बसे तीनों सेना (जल थल और नभ) से सेवानिवृत्त सैनिकों एवं वीर नारियों के कल्याणार्थ एक माँग पत्र सौंपा।
माँग पत्र सौंपा गया
जिसमें देश के अन्य राज्यों के तर्ज पर राज्य की सरकारी नौकरियों में आरक्षण, होल्डिंग टैक्स माफ एवं सैनिकों के पुनर्वास के लिए सरकारी जमीन का आवंटन का मुद्दा शामिल है। चुकी मुख्यमंत्री की पत्नी एवं एक सैनिक की बेटी होने के कारण बड़े उत्साह पूर्वक मुलाकत हुई। और आस्वासन मिला कि हम लोग जरूर सहयोग करेंगे।
उत्साह पूर्वक मुलाकत
इस मुलाकात के लिए घाटशिला के पूर्व विधायक कुणाल सारंगी का भी अतुल्य सहयोग प्राप्त हुआ। राज्य के कुशल प्रशिक्षित अनुशासित सैनिकों का अपने ही प्रदेश में पुनर्वास एवं रोजगार मिलना राज्य के सर्वांगीड़ विकास के लिए बहुत सहायक साबित होगा। इससे प्रतिभावान सैनिकों को अपने राज्य में रोका जा सकता है।
क्योंकि मन मुताबिक नौकरी की तलाश में बहुत सारे योग्य सैनिक राज्य के बाहर या देश के बाहर अच्छी नौकरी की तलाश में पलायन को रोका जा सकता है। राज्य में बसे सैनिक सरकार एवं प्रशासन को हर प्रतिकूल परिस्थितियों में वॉलेंटियर सेवा देने के लिए उत्साहित रहते हैं। सेना में रहते हुए हर सैनिक राष्ट्रधर्म निभाने के लिए संकल्पित रहता है जिसका वो जीवन पर्यंत पालन करने के लिए वचनवद्ध रहता है।
संगठन के सुशील कुमार सिंह ने कहा कि हम लोग विगत 17 बर्षों से सेवानिवृति के बाद राष्ट्रहित समाजहित एवं सैन्यहित के लिए कार्य करते आ रहे हैं और आगे भी करेंगे।