सरकार की ओर से दिए गए जवाब में स्वीकार किया गया कि झारखंड में जेटेट परीक्षा वर्ष 2016 के बाद से अब तक आयोजित नहीं हो सकी है। सरकार ने यह भी बताया कि डब्ल्यू.पी. (एस) संख्या 5355/2025 हरिकेश महतो एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य मामले में उच्च न्यायालय द्वारा 31 मार्च 2026 तक परीक्षा आयोजित करने का न्यायादेश पारित किया गया है।
वहीं, विधायक पूर्णिमा साहू द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या अब तक इस परीक्षा के लिए नियमावली तैयार नहीं हो सकी है, सरकार ने उत्तर दिया कि नियमावली का प्रारूप तैयार है, परंतु सक्षम स्तर से इसके अनुमोदन की प्रक्रिया अभी चल रही है।
सरकार के इस जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि झारखंड में रोजगार और राज्य के युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार का रवैया बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार उच्च न्यायालय में 31 मार्च 2026 तक परीक्षा आयोजित कराने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर अब तक परीक्षा के लिए नियमावली तक स्वीकृत नहीं हो सकी है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब परीक्षा के लिए अब महज 20 दिन ही बचे हैं, तो इतने कम समय में नियमावली का अनुमोदन, परीक्षा की तैयारी और उसका आयोजन कैसे संभव होगा। इस संबंध में भी सरकार की ओर से कोई स्पष्टता नहीं दी गई है।
विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि वर्ष 2024 में भी नई नियमावली बनाने के नाम पर आवेदन लेने के बावजूद परीक्षा को टाल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दो वर्षों में जो सरकार नियमावली तक तैयार नहीं कर सकी, उससे युवाओं को क्या उम्मीद की जा सकती है।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर राज्य सरकार माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रही है, वहीं दूसरी ओर झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है।