Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी. नगड़ी में “रिम्स टू” (RIMS 2) के निर्माण का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि वहां खेती की जमीन और आदिवासियों की जमीन ली जा रही है. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अगर अपनी जमीन बचाने के लिए उन्हें असामाजिक तत्व भी बनना पड़े, तो वे पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने सुझाव दिया कि इस अस्पताल को 10 किलोमीटर दूर कहीं और भी बनाया जा सकता है.
बजट को बताया “कॉपी-पेस्ट” और विजन की कमी
बाबूलाल मरांडी ने राज्य के बजट की आलोचना करते हुए इसे “कॉपी-पेस्ट” करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री और विभाग के बीच तालमेल की भारी कमी है. एयर एंबुलेंस सेवा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि अप्रैल 2023 से शुरू हुई इस योजना से अब तक कितने लोगों को वास्तविक लाभ मिला है, सरकार को इसका हिसाब देना चाहिए.
स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर सरकार को घेरा
सदन में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए नेता प्रतिपक्ष ने एक हृदयविदारक घटना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि एंबुलेंस न मिलने के कारण एक पिता को अपने बच्चे का शव डिब्बे में ले जाना पड़ा, जो राज्य के लिए शर्मनाक है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को सचेत करते हुए कहा कि वे जागें और खाली पड़े पदों को भरने पर ध्यान दें.
एनीमिया और रिक्त पदों के आंकड़े पेश किए
आर्थिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने बताया कि झारखंड में 67.5 फीसदी बच्चे और 65.3 फीसदी महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रही हैं. उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि राज्य में डॉक्टरों के 45 फीसदी और ए-ग्रेड नर्सों के लगभग 39 फीसदी पद खाली पड़े हैं, जिससे स्वास्थ्य ढांचा चरमरा गया है.
योजनाओं में गड़बड़ी और लापरवाही के आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आयुष्मान भारत कार्ड और दवा खरीद में बड़े घोटाले का आरोप लगाया. उन्होंने चाईबासा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पांच बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ा दिया गया, लेकिन अब तक दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. साथ ही, उन्होंने राज्य में थैलेसीमिया के 11 हजार से अधिक मरीजों की स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की.
राशन और जन कल्याणकारी योजनाओं की विफलता
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले आठ महीनों से गरीबों को दाल और नमक नहीं मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि 11 लाख से अधिक लोग साड़ी-धोती योजना के लाभ से वंचित हैं. इसके अलावा, उन्होंने बरहेट में हुए राशन घोटाले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों के साथ सेटिंग करके उन्हें बचाने का काम कर रही है.