Railway News: जमशेदपुर के टाटानगर स्टेशन से जल्द ही स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी की जा रही है. चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने इस संबंध में सकारात्मक संकेत दिए हैं. रेलवे फिलहाल टाटानगर में अत्याधुनिक कोचिंग डिपो के तैयार होने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद लंबी दूरी की इस प्रीमियम ट्रेन का परिचालन शुरू हो सकेगा.
रूट को लेकर सस्पेंस, लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत
हालांकि रेलवे ने अभी तक आधिकारिक मार्ग की घोषणा नहीं की है, लेकिन चर्चा है कि टाटानगर से बनारस या बिलासपुर के बीच इसे चलाया जा सकता है. स्लीपर वंदे भारत के आने से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो 500-600 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, क्योंकि अब उन्हें घंटों बैठकर सफर करने की मजबूरी नहीं होगी.
160 किमी प्रति घंटा की होगी रफ्तार
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलाने के लिए डिजाइन किया जा रहा है. रेलवे फिलहाल 3200 अत्याधुनिक स्लीपर कोच बनवा रहा है, जो सुरक्षा प्रणालियों (कवच आदि) और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंगे. वर्तमान में टाटानगर से पटना और बरहमपुर के लिए वंदे भारत चल रही हैं, लेकिन वे चेयर कार (बैठने वाली) श्रेणी की हैं.
2905 करोड़ से बिछेगी चौथी रेल लाइन
टाटानगर से हावड़ा जाने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने के लिए रेलवे ने खड़गपुर से संतरागाछी तक 111 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन को मंजूरी दी है. इस परियोजना पर 2905 करोड़ रुपये खर्च होंगे. चौथी लाइन बनने से ट्रेनों को आउटर पर रुकना नहीं पड़ेगा और दानकुनी से आने वाली मालगाड़ियां भी समय पर पहुंच सकेंगी.
ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान
एक तरफ जहाँ नई ट्रेनों की योजना बन रही है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों का हाल बेहाल कर रखा है. मंगलवार को भी मुंबई-हावड़ा मेल 8.5 घंटे, बिलासपुर-टाटानगर 7 घंटे और गीतांजलि एक्सप्रेस 4.5 घंटे देरी से चलीं. यात्रियों ने सोशल मीडिया पर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दिए जाने और पैसेंजर ट्रेनों को आउटर पर रोकने के खिलाफ जमकर शिकायत दर्ज कराई है.