व्यापारियों की मुख्य आपत्तियाँ
चैंबर अध्यक्ष Manav Kedia ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सैरात बाजारों के किराए में वृद्धि बिना व्यापारियों को विश्वास में लिए लागू की गई है, जो उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उपाध्यक्ष (ट्रेड एंड कॉमर्स) Anil Modi ने कहा कि यह वृद्धि तर्कसंगत और आनुपातिक नहीं है। उन्होंने बाजारों में मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसे सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और पार्किंग की ओर ध्यान आकर्षित किया और कहा कि किराया बढ़ाने से पहले इन समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
महासचिव Puneet Kanvatia ने कहा कि सैरात बाजार के व्यापारी लीज़ होल्डर हैं और उन्हें भाड़ेदार की तरह ट्रीट करना उचित नहीं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि व्यापारियों की वास्तविक स्थिति और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए।
बैठक में लिए गए निर्णय और सुझाव
व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए किराया वृद्धि पर पुनर्विचार की मांग
बाजारों में मूलभूत सुविधाओं का समुचित विस्तार
अतिक्रमण मुक्त वातावरण सुनिश्चित कर ग्राहक और व्यापारी दोनों की सुविधा व्यापारियों की भावनाओं और सुझावों को संकलित कर प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा
बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य
बैठक में उपाध्यक्ष वित्त एवं कराधान Rajiv Agrawal, उपाध्यक्ष उद्योग Harsh Bankrewal, सचिव Bharat Makani, विनोद शर्मा, अधिवक्ता अंशुल रिंगसिया सहित भारी संख्या में व्यापारी उपस्थित थे।
सभी व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रशासन से संवाद स्थापित कर तर्कसंगत और व्यावहारिक समाधान निकालने का संकल्प लिया।