Jharkhand News: बीआईटी मेसरा में छात्र राजा पासवान की मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है. कोर्ट ने संस्थान को निर्देश दिया है कि वह मृत छात्र के परिजनों को दो सप्ताह के भीतर 20 लाख रुपये का मुआवजा दे. मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को निर्धारित की गई है.
दरअसल, इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने भी बीआईटी मेसरा को छात्र के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था. हालांकि संस्थान ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी. सुनवाई के दौरान बीआईटी मेसरा की ओर से कोर्ट से कुछ समय देने की मांग की गई ताकि मुआवजे की राशि का भुगतान किया जा सके. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर भुगतान कर आदेश का पालन करने का निर्देश दिया.
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार 14 नवंबर 2024 को बीआईटी मेसरा के पॉलिटेक्निक कॉलेज में फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया था. इसी दौरान कुछ छात्रों के बीच विवाद हो गया. आरोप है कि विवाद के बाद कुछ छात्रों ने राजा पासवान की बेरहमी से पिटाई कर दी.
मृतक के पिता चंदन पासवान ने शिकायत में बताया था कि उनके बेटे के शरीर पर लाठी, डंडे और बेल्ट से मारने के निशान थे. घटना के बाद उसे इलाज के लिए रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
इस मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय प्रसाद ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई थी. कोर्ट ने राज्य के डीजीपी को निर्देश दिया था कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाए.
साथ ही हाईकोर्ट ने बीआईटी मेसरा को मृत छात्र के परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने भी लागू करने का निर्देश दिया है.