Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने राज्य की औद्योगिक प्रगति का खाका पेश किया. उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियों के कारण दुनिया भर के निवेशक झारखंड की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे आने वाले समय में रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे.
निवेश के बड़े प्रस्ताव और रोजगार की उम्मीद
मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि “विश्व आर्थिक मंच” के माध्यम से झारखंड को 1,24,230 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं. इस भारी-भरकम निवेश से राज्य में लगभग 45 हजार नए रोजगार सृजित होने की संभावना है. इसके अलावा, राज्य की अपनी औद्योगिक नीतियों की बदौलत 20 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की उम्मीद है, जिससे 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर काम मिलेगा.
15 नई औद्योगिक इकाइयों की होगी स्थापना
औद्योगिक विस्तार पर चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य में 15 नई इंडस्ट्रियल यूनिट्स लगाने का रास्ता साफ हो गया है. इन इकाइयों के माध्यम से करीब 29 हजार करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरेगा. इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लगभग 19 हजार लोगों के लिए रोजी-रोटी के नए साधन भी तैयार होंगे.
प्रवासी मजदूरों के लिए “हवाई सफर” और आर्थिक मदद
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के कल्याण के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. मंत्री ने बताया कि विदेश में काम करने वाले झारखंडी मजदूरों की मौत होने पर उनके पार्थिव शरीर को घर तक लाने के लिए हवाई यात्रा का पूरा खर्च अब राज्य सरकार उठाएगी. इसके अलावा, दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले 273 प्रवासी श्रमिकों के परिजनों को 2.85 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है.
दूसरे राज्यों में खुलेंगे “प्रवासी नियंत्रण कक्ष”
मजदूरों की सुविधा के लिए झारखंड के अलावा पांच अन्य प्रमुख राज्यों में प्रवासी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे. वहीं, बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकार ने 80 बच्चों को मुक्त कराया है, जिनमें से 22 का दाखिला स्कूलों में कराया जा चुका है. मंत्री ने चर्चा के दौरान भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्षी दल केवल नकारात्मक राजनीति में विश्वास करता है.