Koderma News: कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र अंतर्गत काराखुट में एक हृदयविदारक घटना का अंत दुखद रहा. पिछले तीन दिनों से बंद पड़ी पत्थर खदान के गहरे पानी में लापता महिला, संगीता देवी का शव अंततः 72 घंटे बाद बाहर निकाल लिया गया है. इस कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पटना से एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीम बुलाई गई थी. टीम के सदस्यों ने लगभग 48 घंटे तक लगातार प्रयास किया, जिसके बाद आज उन्हें सफलता मिली. शव के बाहर निकलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे काराखुट गांव में मातम का माहौल व्याप्त हो गया है.
एनडीआरएफ के गोताखोरों और पंपिंग तकनीक का सहारा
एनडीआरएफ टीम का नेतृत्व कर रहे सूरज कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था. शुरुआत में खदान की ऊपरी सतह पर शव की तलाश की गई, जिसके बाद प्रशिक्षित गोताखोरों को गहरे पानी के अंदर भेजा गया. हालांकि, खदान की गहराई और पानी के अत्यधिक दबाव के कारण गोताखोरों को सफलता नहीं मिल सकी. अंततः टीम ने रणनीति बदलते हुए पिछले 24 घंटे से भारी मशीनों के जरिए खदान से पानी निकालने का काम शुरू किया. जैसे ही जलस्तर कम हुआ, संगीता देवी का शव पानी की सतह पर दिखाई देने लगा, जिसे तुरंत बाहर निकाल लिया गया.
कपड़े धोने के दौरान हुआ था हादसा
यह दुर्घटना बीते शनिवार को हुई थी, जब संगीता देवी काराखुट स्थित इसी बंद खदान के किनारे कपड़े धोने गई थीं. प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, काम के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर सीधे खदान के गहरे पानी में जा गिरीं. सूचना मिलते ही डोमचांच पुलिस ने स्थानीय स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया था. सबसे पहले हजारीबाग जिले के चौपारण से गोताखोरों को बुलाया गया था, लेकिन 24 घंटे की तलाश के बावजूद जब शव नहीं मिला, तब प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना से एनडीआरएफ की टीम को बुलाने का निर्णय लिया.
मौत के कुएं बनीं बंद पड़ी पत्थर खदानें
डोमचांच थाना क्षेत्र में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है. इलाके में ऐसी दर्जनों पत्थर खदानें हैं जो खनन कार्य बंद होने के बाद खुली छोड़ दी गई हैं. बारिश के पानी के जमाव के कारण ये खदानें "मौत के कुएं" में तब्दील हो चुकी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि खदानों के चारों ओर न तो कोई घेराबंदी की गई है और न ही चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं, जिसके कारण आए दिन मवेशियों और इंसानों के डूबने की खबरें आती रहती हैं. संगीता देवी की मौत ने एक बार फिर खदान सुरक्षा के नियमों की अनदेखी को उजागर कर दिया है.
प्रशासन से खदानें भरवाने की पुरजोर मांग
इस घटना के बाद ग्रामीणों में जिला प्रशासन और खनन विभाग के खिलाफ काफी आक्रोश देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से प्रशासन से मांग की है कि डोमचांच और आसपास के क्षेत्रों में जितनी भी बंद पड़ी पत्थर खदानें हैं, उन्हें चिन्हित कर तत्काल भरवाया जाए. ग्रामीणों का तर्क है कि यदि इन गहरे गड्ढों को समय रहते भरा नहीं गया, तो भविष्य में भी इस प्रकार की जानलेवा दुर्घटनाओं को रोकना नामुमकिन होगा. फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन जारी है.