Ranchi: झारखंड की राजधानी में आज सरकार और उद्योग जगत के बीच एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक संवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को संबोधित करते हुए बताया कि उनके साथ Tata Sons के चेयरमैन Natarajan Chandrasekaran मौजूद थे। दोनों के बीच हुई औपचारिक बैठक को राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
झारखंड से टाटा का पुराना रिश्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा समूह और झारखंड का संबंध ऐतिहासिक रहा है। राज्य में कई प्रमुख संस्थानों का संचालन टाटा समूह करता रहा है और विकास की दिशा में उसकी भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह साझेदारी आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी।
11 हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा
बैठक के दौरान टाटा समूह ने झारखंड में 11 हजार करोड़ रुपये के नए निवेश की घोषणा की। इस संबंध में सरकार के साथ करार भी किया गया है। खासतौर पर Tata Motors में नए निवेश की योजना को राज्य की औद्योगिक प्रगति के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
होटल और नॉलेज इंडस्ट्री पर फोकस
टाटा समूह की ओर से रांची समेत अन्य शहरों में नए होटलों की शुरुआत की योजना भी सामने आई है। साथ ही स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता देते हुए युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।
सीएसआर गतिविधियों का दायरा बढ़ाने और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप नॉलेज-बेस्ड इंडस्ट्री को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है। छोटे-छोटे औद्योगिक समूहों के जरिए राज्य के समग्र विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
"झारखंड हमारे लिए घर जैसा"
एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह की औद्योगिक यात्रा की शुरुआत झारखंड से ही हुई थी। उनके लिए यह राज्य सिर्फ कार्यस्थल नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र है।
होली की शुभकामनाओं के साथ संदेश
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि विकास और उत्सव साथ-साथ आगे बढ़ें, यही सरकार की प्राथमिकता है। राजधानी में हुई यह बैठक आने वाले दिनों में राज्य की औद्योगिक और आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।