Jamshedpur: मानगो स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा परिसर रविवार, 1 मार्च को खेल, उत्साह और धार्मिक भावनाओं से सराबोर नजर आया। बाबा बंदा सिंह बहादुर गतका अखाड़ा के तत्वावधान में “होला-मोहल्ला” को समर्पित खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के 157 सिख बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का आयोजन धर्म प्रचार कमेटी, जमशेदपुर और गुरुद्वारा श्री सिंह सभा मानगो के सहयोग से किया गया। पूरे आयोजन में बच्चों ने न सिर्फ अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास की मिसाल भी पेश की।
दौड़ प्रतियोगिताओं में दिखा जोश
सीनियर वर्ग में जसविंदर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे तेज धावक का खिताब अपने नाम किया। वहीं हरहप्रीत सिंह और हरजीत सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। बालिका सीनियर वर्ग में जसप्रीत कौर ने स्वर्ण पदक जीतकर सबसे तेज धावक का सम्मान हासिल किया। अमृत कौर और सिमरन कौर ने रजत और कांस्य पदक जीते।
जूनियर वर्ग में संदीप सिंह ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि सिमरनदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। 12 वर्ष आयु वर्ग की दौड़ में पृथ्वीराज सिंह विजेता बने, जबकि हरवंशपाल सिंह और गुरसाहिब सिंह ने दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। इसी आयु वर्ग की बालिका प्रतियोगिता में गुरसिमरन कौर ने स्वर्ण पदक जीता।
दंड-बैठक और गोला फेंक में भी शानदार प्रदर्शन
हर्षप्रीत सिंह ने कठिन मुकाबले में जीत दर्ज कर दंड-बैठक प्रतियोगिता का खिताब हासिल किया। गोला फेंक में भी उन्होंने पहला स्थान पाया। धर्म सिंह और समरनील सिंह दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
महिलाओं की प्रतियोगिताओं में अमनदीप कौर ने दौड़ में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि नवनीत कौर और राजिंदर कौर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। गोला फेंक में नवनीत कौर विजेता बनीं।
फन गेम्स और प्रश्नोत्तरी ने बढ़ाया उत्साह
बच्चों के लिए 100 मीटर दौड़, बोरी दौड़, स्पून-मार्बल रेस, टोकरी गेंद दौड़ और प्रश्नोत्तरी जैसे मनोरंजक खेलों का भी आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं ने माहौल को और जीवंत बना दिया।
सिख इतिहास से कराया परिचय
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य आयोजक और मानगो गुरुद्वारा के महासचिव जसवंत सिंह जस्सू ने होला-मोहल्ला के इतिहास और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह पर्व सिखों की वीरता, अनुशासन और परंपरा का प्रतीक है।
सभी विजेताओं को पदक देकर सम्मानित किया गया। मेंटर की भूमिका में जसवंत सिंह जस्सू, सुखवंत सिंह सुक्खू, गुरशरण सिंह और बलजीत संसोआ सहित कई समाजसेवियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों में साहस, संस्कृति और सामुदायिक एकता की भावना को भी मजबूत कर गया।