Jharkhand Budget 2026-27: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट पर सरकार का पक्ष रखते हुए एक भावुक और आक्रामक संबोधन दिया. उन्होंने सदन में स्पष्ट कहा कि विकास की असली कसौटी जनता की संतुष्टि है और यदि सरकार उनके साथ छलावा करेगी, तो जनता दोबारा मौका नहीं देगी. जब वित्त मंत्री बजट की उपलब्धियां गिना रहे थे, तभी भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिस पर मंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि संसदीय व्यवस्था में पक्ष-विपक्ष के साथ जनता की भी अहम भूमिका होती है. उन्होंने अपनी बात को फिल्मी अंदाज में विराम देते हुए कहा कि जो हार कर जीतता है, उसे ही बाजीगर कहते हैं.
केंद्र सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप
सत्र के दौरान वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर असहयोग के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि राज्य की गैर-भाजपा सरकार होने के कारण केंद्रीय करों और अनुदानों में भारी कटौती की गई है. उन्होंने यह भी साफ किया कि झारखंड सरकार उपयोगिता प्रमाण पत्र देने के लिए सदैव तत्पर है, लेकिन केंद्र की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा. बजट के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 से अब तक सदन ने 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी है, लेकिन इस बार मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए स्थापना मद में विशेष बढ़ोतरी की गई है ताकि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हो सके.
कृषि उत्पादन और आत्मनिर्भरता के बढ़ते कदम
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर वित्त मंत्री ने दावा किया कि राज्य में 50 लाख मीट्रिक टन धान और 10 लाख मीट्रिक टन दलहन का शानदार उत्पादन हुआ है. उन्होंने झारखंड को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर घोषित करते हुए बताया कि दुग्ध और बागवानी के क्षेत्र में भी राज्य नई ऊंचाइयां छू रहा है. मंइया सम्मान योजना का बचाव करते हुए उन्होंने इसे राजनीतिक स्टंट के बजाय महिला सशक्तिकरण का एक ईमानदार प्रयास बताया. साथ ही, उन्होंने कांग्रेस के चुनावी वादे के अनुरूप 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने और अनुसूचित परामर्शदात्री समिति के गठन की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
घोषणाओं की निगरानी के लिए नई समीक्षा समिति
प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की कि अब मुख्यमंत्री, राज्यपाल और वित्त मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की निगरानी के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी. यह समिति सुनिश्चित करेगी कि जो भी घोषणा की गई है, उसका अनुपालन उसी वित्तीय वर्ष में अनिवार्य रूप से हो. उन्होंने कार्यपालिका को भी आगाह किया कि बिना अधिकारियों के जुनून के विकास की किरण बुढ़ा पहाड़ जैसे सुदूर क्षेत्रों तक नहीं पहुंच सकती.
वित्तीय गड़बड़ी और बिचौलियों पर सख्त चेतावनी
ऑडिट में सामने आई 10 हजार करोड़ रुपये की भारी वित्तीय गड़बड़ी पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह जनता का पैसा है और यदि डीएमएफटी फंड जैसे महत्वपूर्ण कोष में बिचौलियागिरी पाई गई, तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने भविष्य की योजना पर बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के विदेश दौरों का परिणाम अगले दो वर्षों में बड़े पूंजी निवेश के रूप में दिखेगा, जिससे राज्य की तस्वीर बदलेगी.