Jharkhand News: झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया एक बार फिर कानूनी विवादों के घेरे में है. बीसीसीआई के पूर्व कार्यवाहक सचिव दिवंगत अमिताभ चौधरी के पुत्र अभिषेक चौधरी द्वारा दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. याचिका में संघ के भीतर पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
चुनाव प्रक्रिया और पदों पर कब्जे का आरोप
अभिषेक चौधरी ने अपनी याचिका और अंतरिम आवेदन के माध्यम से अदालत को बताया कि जेएससीए के पिछले चुनावों में नियमों की भारी अनदेखी की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव निष्पक्ष नहीं थे और कुछ प्रभावशाली लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार कर पदों पर कब्जा कर लिया है. याचिकाकर्ता ने पूरे मामले की गहन जांच कराते हुए चुनाव की वैधता पर सवाल उठाए हैं.
मैच के दौरान अव्यवस्था को बनाया आधार
याचिका में पूर्व में आयोजित भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच के दौरान हुई कथित अव्यवस्था का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है. तर्क दिया गया है कि अयोग्य व्यक्तियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने के कारण आयोजन का स्तर गिरा, जिसका सीधा खामियाजा खेल प्रेमियों और दर्शकों को भुगतना पड़ा. इसे संघ की प्रशासनिक विफलता के प्रमाण के रूप में पेश किया गया है.
हाईकोर्ट ने पूरी कराईं औपचारिकताएं
मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की. अदालत के पिछले निर्देशों के आलोक में याचिका की तकनीकी कमियों को दूर कर लिया गया है. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब मामला अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. राज्य के खेल जगत की नजरें इस केस पर टिकी हैं, क्योंकि इसका फैसला जेएससीए के भविष्य के ढांचे को प्रभावित कर सकता है.