Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-02-25

Jamtara News: जामताड़ा में सोलर सिंचाई से बदली खेती की तस्वीर, टाटा ट्रस्ट की पहल से 1500 किसान लाभान्वित

Jamtara: जामताड़ा प्रखंड के किसानों के लिए अब खेती करना पहले से कहीं अधिक आसान और लाभदायक हो गया है। वर्षों से सिंचाई की समस्या से जूझ रहे किसानों को अब राहत मिली है। टाटा ट्रस्ट की विशेष पहल के तहत क्षेत्र में सोलर प्लांट आधारित सिंचाई व्यवस्था शुरू की गई है, जिसने खेती की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है।

चार पंचायतों में शुरू हुई सौर सिंचाई योजना
यह योजना जामताड़ा प्रखंड की चार प्रमुख पंचायतों में लागू की गई है। गोपालपुर पंचायत के गोपालपुर गांव, उदलबनी पंचायत के अमलाचातर और शहरजोड़ी गांव, तथा तरणी पंचायत के करमा गांव के करीब 1500 किसान इस पहल से सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।

सोलर प्लांट के जरिए अब नदी और जोरिया (छोटे नालों) का पानी सीधे खेतों तक पहुँचाया जा रहा है। पहले जहां डीजल पंप और अनियमित बिजली पर निर्भरता थी, वहीं अब किसान बिना अतिरिक्त खर्च के सूरज की रोशनी से सिंचाई कर पा रहे हैं।

80 एकड़ जमीन पर फिर लौटी हरियाली
इस पहल का असर साफ दिखाई देने लगा है। करीब 80 एकड़ ऐसी जमीन, जो पहले बंजर या कम सिंचित थी, अब फसल से लहलहा रही है। किसान बड़े पैमाने पर टमाटर, बैंगन, हरी मिर्च और अन्य मौसमी सब्जियों की खेती कर रहे हैं।

स्थानीय बाजारों में अब बाहर से आने वाली सब्जियों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। ताजी और स्थानीय सब्जियां उपलब्ध होने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को भी फायदा मिलेगा।

पारदर्शी और टिकाऊ रखरखाव मॉडल
इस परियोजना की खास बात इसका मजबूत प्रबंधन ढांचा है। हर गांव में 30 से 40 किसानों की एक संचालन समिति बनाई गई है, जिसमें अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष का चयन किया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समिति का संयुक्त बैंक खाता खोला गया है।

प्रत्येक लाभार्थी किसान हर महीने मात्र 10 रुपये समिति के फंड में जमा करता है। यह राशि भविष्य में किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में सोलर प्लांट की मरम्मत और रखरखाव के लिए इस्तेमाल की जाएगी, ताकि योजना बिना रुकावट चलती रहे।

पर्यावरण के साथ आर्थिक मजबूती
सौर ऊर्जा से चलने वाली यह सिंचाई प्रणाली न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से भी मजबूत बना रही है। डीजल और बिजली के खर्च से मुक्ति मिलने के बाद किसान अपनी लागत घटाकर अधिक मुनाफा कमा पा रहे हैं।
जामताड़ा में शुरू हुई यह पहल अब ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर खेती का एक प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !