Jamshedpur: जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शेषनगर में रविवार की आधी रात एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक 27 वर्षीय डंपर चालक अश्वनी कुमार, जिसने कुछ घंटों पहले अपने परिवार के साथ खुशहाल पल साझा किए थे, उसने अचानक मौत को गले लगा लिया।
डिनर के बाद का खौफनाक मोड़
रविवार की रात अश्वनी के घर में सब कुछ सामान्य था। उसने अपनी पत्नी, मासूम बच्चे और वृद्ध माता-पिता के साथ बैठकर खाना खाया। परिजनों के अनुसार, उस वक्त अश्वनी के चेहरे पर न तो कोई शिकन थी और न ही व्यवहार में कोई चिड़चिड़ापन। लेकिन किसे पता था कि यह हंसी-मजाक आखिरी साबित होगा। आधी रात के बाद, जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, अश्वनी चुपके से उठा और दूसरे कमरे में जाकर फांसी के फंदे से झूल गया।
चीख से टूटी खामोशी
देर रात जब अश्वनी की पत्नी की नींद खुली और उसने बगल में पति को गायब पाया, तो वह उसे ढूंढने दूसरे कमरे में गई। दरवाजा खोलते ही अश्वनी को फंदे से लटका देख उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर परिजन और पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर एमजीएम अस्पताल ले गए। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
अनसुलझी पहेली, आखिर क्यों
अश्वनी ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, यह फिलहाल एक रहस्य बना हुआ है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि घर में किसी भी तरह का कोई झगड़ा या तनाव नहीं था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कोई बड़ी आर्थिक तंगी की बात भी सामने नहीं आई है। गोविंदपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अश्वनी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इलाके में शोक की लहर
सोमवार सुबह जैसे ही यह खबर शेषनगर में फैली, पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया। लोग उस मासूम बच्चे और बेबस पत्नी को देखकर भावुक हो रहे हैं, जिनके सिर से अचानक पिता और पति का साया उठ गया। यह घटना हमें याद दिलाती है कि मानसिक स्वास्थ्य और अपनों से संवाद कितना महत्वपूर्ण है। कभी-कभी शांत दिखने वाले चेहरों के पीछे गहरा तूफान छिपा होता है।