Jharkhand: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केरल की नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके माता-पिता के निस्वार्थ त्याग को सलाम किया है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने आलिन के माता-पिता, शेरिन एन जॉन और अरुण अब्राहम के साहस को मानवता के लिए एक अद्भुत मिसाल करार दिया।
शोक की घड़ी में मानवता की मिसाल
मुख्यमंत्री ने अत्यंत भावुक शब्दों में लिखा कि अपनी संतान को खोना किसी भी माता-पिता के लिए दुनिया का सबसे असहनीय और हृदयविदारक क्षण होता है। ऐसे गहरे शोक और असीम पीड़ा के बीच भी आलिन के माता-पिता ने अपनी बेटी के अंगदान का जो ऐतिहासिक निर्णय लिया, वह उनकी असाधारण करुणा और साहस को दर्शाता है।
यह केवल अंगों का दान नहीं है, बल्कि मानवता के प्रति अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण है। आलिन का भौतिक जीवन भले ही छोटा रहा, लेकिन आज वह कई परिवारों के लिए जीवन की नई उम्मीद बनकर अमर हो गई है।
केरल सरकार की संवेदनशीलता की सराहना
अपने संदेश में हेमंत सोरेन ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के निर्णय की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आलिन के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान देकर केरल सरकार ने समाज को एक बड़ा और संवेदनशील संदेश दिया है। यह कदम अंगदान के महत्व को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है और समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देता है।
झारखंड में मजबूत होगी अंगदान नीति
इस हृदयस्पर्शी घटना से प्रेरणा लेते हुए मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंगदान दूसरों को नया जीवन देने वाला महादान है। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि झारखंड सरकार राज्य में अंगदान नीति को और अधिक प्रभावी और सरल बनाएगी।जागरूकता अभियानों के जरिए लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि समय पर जरूरतमंदों की मदद हो सके। मुख्यमंत्री ने अंत में प्रार्थना की कि ईश्वर दुख की इस घड़ी में आलिन के परिजनों को शक्ति प्रदान करें। उन्होंने विश्वास जताया कि आलिन की कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए त्याग और सेवा का प्रतीक बनी रहेगी।