Ranchi News: अगर आप राजधानी रांची में रहते हैं और नगर निगम का यूजर चार्ज जमा करने में लापरवाही बरत रहे हैं, तो सावधान हो जाएं. स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में नंबर वन आने की रेस में नगर निगम अब सख्त मूड में आ गया है. प्रशासक सुशांत गौरव ने स्पष्ट कर दिया है कि बकाएदारों को अब और मोहलत नहीं दी जाएगी.
“नो पेमेंट, नो सर्विस”
बुधवार को निगम कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में प्रशासक ने दो टूक निर्देश दिए कि जो लोग अंतिम चेतावनी के बाद भी यूजर चार्ज जमा नहीं करेंगे, उनकी पानी की सप्लाई और कूड़ा उठाव जैसी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी. निगम अब “नो पेमेंट, नो सर्विस” की नीति पर काम करने जा रहा है.
शहर की सफाई के लिए नया “एक्शन प्लान”
सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निगम ने कई कड़े फैसले लिए हैं:
- थ्री-शिफ्ट सफाई: कूड़े का उठाव अब तीन शिफ्टों में होगा.
- नाइट क्लीनिंग: व्यावसायिक क्षेत्रों (Commercial Areas) में रात को विशेष सफाई अभियान चलेगा.
- मौके पर जुर्माना: डीआरएमटी (DRMT) टीमें सड़कों पर गंदगी फैलाने या बिल्डिंग मटेरियल डंप करने वालों पर ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाएंगी.
- सेग्रीगेशन: गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग देने के नियम का सख्ती से पालन करना होगा.
बिल्डरों और ठेकेदारों के लिए “रेड सिग्नल”
शहर में कहीं भी निर्माण या ध्वस्तीकरण का मलबा (C&D Waste) फेंकना अब भारी पड़ेगा. अपर प्रशासक संजय कुमार के अनुसार, मलबा फेंकने के लिए केवल दो स्थान तय किए गए हैं:
1. नागाबाबा खटाल स्थित MRF केंद्र के पास
2. ट्रेकर स्टैंड स्थित MRF केंद्र के पास
इसके अलावा किसी भी खाली प्लॉट, नाली या सड़क पर मलबा पाए जाने पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि निर्माण सामग्री भी जब्त कर ली जाएगी.
रांची नगर निगम का यह कड़ा रुख स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में अपनी रैंकिंग सुधारने की एक सोची-समझी रणनीति है. अमूमन लोग नगर निगम की सेवाओं को “गारंटीड” मानते हैं, लेकिन “यूजर चार्ज” वसूली को यूटिलिटी सेवाओं (जैसे पानी) से जोड़कर निगम ने वित्तीय अनुशासन और जन-भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की है. अगर यह सख्ती धरातल पर उतरी, तो न केवल निगम का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि शहर की स्वच्छता में भी आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल सकता है.