गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
घटना का मुख्य केंद्र कटकमदाग थाना क्षेत्र का सुलताना ग्राम बना। 16 फरवरी 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि डीपो शीट के पास ब्राउन शुगर की बड़ी खेप की खरीद-बिक्री होने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को देखकर भाग रहे तीन संदिग्धों—मो० आफताब, मो० जुबैद और सरोज कुमार—को खदेड़कर पकड़ा गया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने सप्लाई चेन के मुख्य सरगनाओं उदय कुमार उर्फ नवल दांगी, पवन राज वर्मा और राहुल कुमार मेहता को भी धर दबोचा।
तीन थानों में एक साथ कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस की यह कार्रवाई केवल कटकमदाग तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोहसिंघना और ईचाक में भी तस्करों पर नकेल कसी गई।
कटकमदाग थाना क्षेत्र, यहाँ से सबसे बड़ी खेप बरामद हुई है। गिरफ्तार 6 अभियुक्तों के पास से, ब्राउन शुगर, 111.72 ग्राम, नकद, ₹17,160/- एक स्वीफ्ट कार, दो मोटरसाइकिल, 7 मोबाइल और 2 डिजिटल वजन मशीन बरामद किए गए।
लोहसिंघना थाना क्षेत्र
यहाँ से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े तस्करों को पकड़ा गया। बरामदगी में शामिल हैं,मादक पदार्थ, 17 ग्राम ब्राउन शुगर और 2 किलो गांजा। नकद, ₹47,000/- एक सफारी और एक ब्रेजा कार बरामद किया गया।
ईचाक थाना क्षेत्र
डायल-100 की सक्रियता से यहाँ 5 तस्करों को दबोचा गया। इनके पास से 7 ग्राम ब्राउन शुगर और 7 मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं।
अपराधी इतिहास और अंतराज्यीय कनेक्शन
पकड़े गए आरोपियों में से कई का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मुख्य सरगना उदय कुमार उर्फ नवल दांगी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से 5 मामले दर्ज हैं। वहीं, इरफान अंसारी पर 3 और बबलु कुमार पर 2 मामले दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह के तार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों से भी जुड़े हैं, जो झारखंड के युवाओं तक नशा पहुँचाने का काम कर रहे थे।
पुलिस टीम की सफलता
इस सफल अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के साथ पुलिस निरीक्षक शाहिद रजा पेलावल, थाना प्रभारी प्रमोद कुमार कटकमदाग, निशांत केरकेट्टा लोहसिंघना, गौतम कुमार ईचाक और वेद प्रकाश पाण्डेय पेलावल ओपी की मुख्य भूमिका रही। तकनीकी शाखा और सशस्त्र बलों के समन्वय ने इस ऑपरेशन को सटीक बनाया। हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशाखोरी के विरुद्ध यह अभियान थमेगा नहीं। समाज को खोखला करने वाले इन अपराधियों के खिलाफ आगे भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।