निर्देश के अनुसार, हर निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी अपनी रिपोर्ट संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी को देंगे, जिसके आधार पर समेकित रिपोर्ट आयोग को प्रेषित की जाएगी। रिपोर्ट में मौसम की स्थिति से लेकर मतदान बहिष्कार तक की सभी सूचनाएं शामिल होंगी। इसके लिए कुल 11 बिंदु निर्धारित किए गए हैं और जानकारी तय प्रपत्र में देनी होगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पात, प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से व्यवधान की जानकारी तत्काल देनी होगी। यदि बैलेट बॉक्स या बैलेट पेपर को गैरकानूनी ढंग से छीना गया, उससे छेड़छाड़ की गई, उसे नष्ट या गायब करने की कोशिश हुई, तो मतदान को दूषित माना जाएगा और इसकी तत्काल सूचना देनी होगी।
जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल
किसी व्यक्ति या समूह द्वारा जबरन वोटिंग, बूथ कब्जा, गंभीर शिकायत, विधि-व्यवस्था भंग होने या पोलिंग पार्टी की ऐसी गलती जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो, इन सभी की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल की जाएगी।
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना
आयोग ने यह भी कहा है कि यदि किसी बूथ पर मतदान प्रतिशत 90 फीसदी से अधिक होता है तो वह संदेह के दायरे में आएगा और ऐसे बूथों की विशेष रिपोर्ट देनी होगी। आयोग का उद्देश्य पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है।