Gamharia News: सरायकेला जिले के गम्हरिया प्रखंड स्थित सरकारी अनाज गोदाम एक बार फिर विवादों के घेरे में है. आरोप है कि सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (CWC) से ट्रकों के जरिए पहुंचने वाले अनाज के बोरों को बिना गोदाम में उतारे और वजन किए सीधे डीलरों के वाहनों (DSD) में लोड किया जा रहा है. इस प्रक्रिया से सरकारी खाद्यान्न वितरण की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं.
नियमों की अनदेखी कर सीधी आपूर्ति
विभागीय नियमों के अनुसार, CWC से प्राप्त अनाज को पहले प्रखंड गोदाम में उतारना अनिवार्य है. वहां अनाज का वजन करने के बाद उसे स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है और फिर निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित डीलरों को आवंटित किया जाता है. हालांकि, स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इन अनिवार्य चरणों को दरकिनार कर सीधे एक वाहन से दूसरे वाहन में अनाज की शिफ्टिंग की जा रही है.
अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
इस कथित गड़बड़ी में स्थानीय अधिकारियों की कार्यशैली पर भी उंगलियां उठ रही हैं. बताया जा रहा है कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पूनम कुमारी के कार्यभार संभालने के बाद से ऐसी शिकायतों में वृद्धि हुई है. वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बीसीओ सुनील चौधरी स्वयं गोदाम के मुख्य द्वार पर मौजूद रहकर लोडिंग प्रक्रिया की निगरानी करते देखे गए. इस दौरान प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अपने कार्यालय कक्ष में मौजूद थीं.
जांच की मांग तेज
अनाज की लोडिंग में शामिल एक वाहन (संख्या JH22G3092) के चालक से हुई पूछताछ में भी इस प्रक्रिया की पुष्टि होने की बात सामने आ रही है. फिलहाल किसी वरीय अधिकारी ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की हेराफेरी को रोका जा सके