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  • 2026-02-15

Adityapur News: आदित्यपुर में बच्चा चोरी के संदेह में महिला पकड़ी गई, पुलिस जांच में निकला कुछ और…थाना प्रभारी की सूझबूझ से सुलझा मामला

Adityapur News: सरायकेला जिले के आदित्यपुर-2 क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह के कारण रविवार को काफी गहमागहमी रही. स्थानीय लोगों ने एक महिला की गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए उसे पकड़ लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया.

स्थानीय निवासियों का संदेह और आरोप
वार्ड संख्या 31 के रोड नंबर 11 में स्थानीय लोगों ने मुसाबनी निवासी कल्याणी परेरा को घूमते हुए देखा. निवासियों का आरोप था कि महिला नारियल और खाने-पीने की चीजों का लालच देकर बच्चों को अपने साथ चलने के लिए फुसला रही थी. महिला के पास कोई आधिकारिक पहचान पत्र न होने के कारण लोगों का संदेह गहरा गया और उन्होंने उसे बच्चा चोर समझकर शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद भारी भीड़ जमा हो गई.

थाना प्रभारी की सूझबूझ से सुलझा मामला
सूचना मिलते ही आरआईटी थाना प्रभारी संजीव कुमार मौके पर पहुंचे और महिला को सुरक्षित थाने ले आए. पूछताछ के दौरान कल्याणी ने बताया कि वह एक समाचार पत्र में विज्ञापन और बुकिंग का काम करने के लिए इस क्षेत्र में आई थी. मामला बिगड़ता देख थाना प्रभारी ने संवेदनशीलता दिखाई और महिला द्वारा बताए गए समाचार पत्र के संपादक से सीधे फोन पर बात की. संपादक से बातचीत के बाद यह सत्यापित हो गया कि महिला वास्तव में उसी संस्थान के लिए कार्य कर रही थी और क्षेत्र में बुकिंग के सिलसिले में ही घूम रही थी.

जांच के बाद स्थिति स्पष्ट
संपादक के सत्यापन और पुलिस की प्राथमिक जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मामला बच्चा चोरी का नहीं, बल्कि गलतफहमी का था. महिला के पास से अखबार की स्लिप और कुछ खाद्य सामग्री मिली थी, जिसे वह अपने निजी उपयोग के लिए रखे हुए थी. थाना प्रभारी की त्वरित कार्रवाई और तथ्यों की पुष्टि के कारण एक निर्दोष महिला भीड़ के गुस्से का शिकार होने से बच गई.

जागरूकता और पुलिस की सतर्कता का महत्व
यह घटना दर्शाती है कि समाज में बच्चा चोरी जैसी अफवाहों को लेकर किस कदर भय का माहौल है. पहचान पत्र का अभाव किसी भी पेशेवर व्यक्ति को संकट में डाल सकता है, जैसा कि कल्याणी परेरा के साथ हुआ. थाना प्रभारी संजीव कुमार की कार्यशैली सराहनीय रही, जिन्होंने केवल सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करते हुए प्रमाणों को सीधे संबंधित अधिकारियों से सत्यापित किया. यह मामला यह भी सिखाता है कि नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए, लेकिन किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर कार्रवाई करने से पहले पुलिस को सूचित करना ही सबसे सुरक्षित और सही रास्ता है.
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