Jharkhand News: झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य में बिजली की प्रस्तावित नई दरों को लेकर आम जनता और हितधारकों की राय जानने के लिए जनसुनवाई का कार्यक्रम घोषित कर दिया है. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) द्वारा पेश किए गए टैरिफ प्रस्ताव पर विचार करने के बाद आयोग राज्य के पांचों प्रमंडलों में जाकर उपभोक्ताओं के सुझाव और आपत्तियां दर्ज करेगा. नई दरों की घोषणा 31 मार्च तक होने की संभावना है.
प्रमुख शहरों में जनसुनवाई का समय और स्थान
जेबीवीएनएल के प्रस्ताव पर पहली सुनवाई 19 फरवरी को चाईबासा के पिल्लई हॉल में होगी. इसके बाद 21 फरवरी को डालटेनगंज के टाउन हॉल, 26 फरवरी को दुमका के कृषि पार्क, 27 फरवरी को धनबाद के कोयला नगर स्थित बीसीसीएल कम्युनिटी हॉल और 28 फरवरी को रांची के आईएमए हॉल में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. जेबीवीएनएल ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपने राजस्व घाटे की पूर्ति हेतु बिजली दरों में लगभग 59 प्रतिशत की भारी वृद्धि का प्रस्ताव रखा है.
अन्य विद्युत कंपनियों के लिए निर्धारित तिथियां
नियामक आयोग केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी और अन्य बिजली कंपनियों के प्रस्तावों पर भी सुनवाई करेगा. इसके तहत 16 फरवरी को आदित्यपुर में टाटा स्टील यूटिलिटी और 17 फरवरी को जमशेदपुर में टाटा स्टील व टाटा पावर के प्रस्तावों पर चर्चा होगी. वहीं, 18 फरवरी को आधुनिक पावर और 20 फरवरी को इनलैंड पावर व ऊर्जा संचरण निगम की सुनवाई होगी. दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के टैरिफ पर 24 फरवरी को हजारीबाग और 25 फरवरी को मैथन में जनसुनवाई निर्धारित की गई है.
उपभोक्ता सहभागिता और आर्थिक संतुलन
बिजली दरों में प्रस्तावित 59 प्रतिशत की वृद्धि उपभोक्ताओं पर बड़ा आर्थिक बोझ डाल सकती है, यही कारण है कि यह जनसुनवाई अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है. यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक पारदर्शिता को बढ़ावा देती है, जहाँ नियामक आयोग को बिजली कंपनियों की वित्तीय जरूरतों और जनता की भुगतान क्षमता के बीच संतुलन बनाना होता है. आम नागरिकों और संगठनों की भागीदारी यह सुनिश्चित करेगी कि अंतिम निर्णय केवल तकनीकी आंकड़ों पर नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत और जनहित को ध्यान में रखकर लिया जाए.