Railway News: दक्षिण पूर्व रेलवे ने ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ एक व्यापक और औचक जांच अभियान चलाया है. इस अभियान के तहत हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस और हावड़ा-मुंबई गीतांजलि एक्सप्रेस सहित कुल 10 प्रमुख ट्रेनों में सघन तलाशी ली गई. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और टिकट निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने खड़गपुर और टाटानगर के बीच विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के टिकटों की जांच की.
सवा लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया
जांच के दौरान कुल 285 यात्रियों को बिना उचित टिकट के यात्रा करते हुए और रेलवे के अन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया. इन सभी यात्रियों पर रेलवे के नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की गई और जुर्माने के रूप में कुल 1 लाख 61 हजार रुपये से अधिक की राशि वसूल की गई. रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई बिना टिकट यात्रा की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने के लिए की गई है.
नियमित जांच अभियान का हिस्सा
यह औचक निरीक्षण दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के उस विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत मंडल के सभी बड़े स्टेशनों और ट्रेनों में सप्ताह के अलग-अलग दिनों में औचक जांच की जाती है. इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्री केवल वैध टिकट के साथ ही ट्रेन में प्रवेश करें और राजस्व की हानि को रोका जा सके. प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें.
राजस्व सुरक्षा और अनुशासनात्मक कार्रवाई
रेलवे द्वारा की गई यह औचक जांच न केवल सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान को रोकने में सहायक है, बल्कि यह वैध टिकट धारकों को मिलने वाली सुविधाओं और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करती है. बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के कारण ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ होती है, जिससे आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है. इस प्रकार की निरंतर कार्रवाई से रेलवे परिसर में अनुशासन बना रहता है और आम जनता के बीच नियमों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़ती है.