Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए भगवान शिव से राष्ट्र की उन्नति, समृद्धि और नागरिकों के सुख-स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर संदेशों में आध्यात्मिक जागरण, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रनिर्माण की भावना स्पष्ट रूप से झलकी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रेरणादायक संदेश
द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया "एक्स" पर देशवासियों को महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व आत्मशुद्धि, तप और आंतरिक जागृति का प्रतीक है। उन्होंने अपने संदेश में उल्लेख किया कि महादेव की आराधना हमें सकारात्मक सोच, संयम और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देती है।
राष्ट्रपति ने प्रार्थना की कि भगवान शिव की कृपा से देश में शांति, सौहार्द और निरंतर विकास बना रहे। उन्होंने महाशिवरात्रि को राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला पर्व बताया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रेखांकित की सांस्कृतिक विरासत
सीपी राधाकृष्णन ने अपने संदेश में महाशिवरात्रि की व्यापक सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी से लेकर रामेश्वरम् तक यह पर्व अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की सनातन आध्यात्मिक धारा और सांस्कृतिक अखंडता का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति ने भगवान शिव और माता पार्वती से देशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
गृह मंत्री अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों की शुभेच्छाएं
गृह मंत्री अमित शाह ने महाशिवरात्रि को आस्था और विश्वास का महापर्व बताते हुए कहा कि देवाधिदेव महादेव सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करें।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने भी भगवान शिव से राष्ट्र के कल्याण और नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जानकारी दी कि वे कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आयोजित महाशिवरात्रि कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। उन्होंने इस आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम बताया।
वहीं केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राष्ट्र की उन्नति और जनकल्याण की कामना की। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने महाशिवरात्रि को आत्मचिंतन और आत्मानुशासन का अवसर बताते हुए कहा कि यह केवल उपवास का पर्व नहीं, बल्कि भीतर के शिवत्व को जागृत करने का क्षण है।
देशभर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण
महाशिवरात्रि के अवसर पर देशभर के शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना में लीन दिखाई दिए। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।
नेताओं के संदेशों में जहां आध्यात्मिक चेतना का आह्वान था, वहीं राष्ट्र के समग्र विकास और सामाजिक सद्भाव की भावना भी प्रमुख रूप से परिलक्षित हुई।
महाशिवरात्रि 2026 ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय एकता का संगम ही भारत की असली शक्ति है।