Ranchi: शहर की महिलाओं और किशोरियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रांची नगर निगम ने एक अहम कदम उठाया है। अब शहर के विभिन्न कम्युनिटी टॉयलेट में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी जरूरी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराना है, ताकि घर से बाहर रहने के दौरान उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6 स्थानों पर शुरुआत
नगर निगम ने इस परियोजना के तहत शहर के करीब 30 कम्युनिटी टॉयलेट में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छह कम्युनिटी टॉयलेट में मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं। प्रारंभिक स्तर पर इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
एक मशीन की अनुमानित लागत लगभग 40 हजार रुपये
एक मशीन की अनुमानित लागत लगभग 40 हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही इस्तेमाल किए गए पैड के सुरक्षित और स्वच्छ निपटान के लिए डिस्पोजल मशीन भी लगाई जाएगी। इससे न सिर्फ स्वच्छता बनी रहेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
मात्र 10 रुपये में मिलेगा सैनिटरी पैड
नगर निगम की असिस्टेंट हेल्थ ऑफिसर डॉ. किरण कुमारी के अनुसार, यह पहल खासकर उन महिलाओं और किशोरियों के लिए बेहद राहतकारी साबित होगी, जिन्हें अचानक जरूरत पड़ने पर संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते। कम्युनिटी टॉयलेट में मशीन लगने से महिलाएं केवल 10 रुपये में सैनिटरी पैड प्राप्त कर सकेंगी।
उन्होंने बताया कि इस पहल से मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और महिलाओं को आत्मसम्मान के साथ सार्वजनिक जीवन में भागीदारी करने में सहूलियत मिलेगी।
महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में इस तरह की सुविधाएं महिलाओं की गरिमा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ी होती हैं। रांची जैसे बढ़ते शहर में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार महिलाओं की सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि मशीनों की नियमित निगरानी, समय-समय पर रिफिल और रखरखाव की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सुविधा लगातार और सुचारु रूप से उपलब्ध रहे।
आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे शहर की अधिक से अधिक महिलाओं और किशोरियों को इसका लाभ मिल सके। यह पहल न केवल स्वास्थ्य के लिहाज से अहम है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और समानता की दिशा में भी एक मजबूत कदम मानी जा रही है।