महापुरुषों को नमन और दीप प्रज्वलन
समारोह का विधिवत शुभारंभ चक्रवर्ती सम्राट जरासंध जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर के विधायक सरयू राय और सांसद विद्युत वरण महतो के प्रतिनिधि संजीव कुमार उपस्थित रहे।
अतिथियों के विचार, संगठन में ही शक्ति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरयू राय ने समाज को एकजुट होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, "संगठन में ही असली शक्ति निहित है। जब आप संगठित रहेंगे, तभी समाज प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकेगा।" वहीं, सांसद प्रतिनिधि संजीव कुमार ने सनातन परंपराओं के संरक्षण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को बचाना है और इसके लिए शिक्षा को हथियार बनाना होगा।
शिक्षा और विज्ञान पर विशेष चर्चा
समारोह में वक्ताओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वास पर कड़ा प्रहार किया, अंगद ने कहा कि शिक्षा के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है।एम. पाल ने आधुनिक युग की महत्ता बताते हुए कहा कि हमें विज्ञान के साथ चलना होगा और समाज को अंधविश्वास की बेड़ियों से मुक्त कर शिक्षित बनाना होगा। अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि धर्म की रक्षा के लिए भी कर्म और शिक्षा अनिवार्य है। उन्होंने कहा, "शिक्षा के बल पर ही हम डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बन सकते हैं, धर्म के बल पर नहीं।
उपस्थिति एवं धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में आर. बी. निराला ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से जय प्रकाश निराला, आलोक चंद्रा, मनोज शशि, शिवपूजन, डॉ. ज्योति, संतोष, उमेश, रमेश आनंद समेत समाज के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।