Jamshedpur News: जमशेदपुर में स्कूल वैन चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर पूरे शहर में एक जैसा नहीं रहा. जहां सुबह अभिभावकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं दोपहर होते-होते कई इलाकों में वैन दोबारा सड़कों पर लौट आईं. टेल्को को छोड़ साकची और बिष्टुपुर जैसे क्षेत्रों में हालात सामान्य होते नजर आए.
क्यों बुलायी गई थी हड़ताल
टेल्को क्षेत्र के एक नामी स्कूल की पांच वर्षीय छात्रा से कथित दुष्कर्म के मामले में वैन चालक मन्नू पांडे की गिरफ्तारी के विरोध में जमशेदपुर स्कूली वाहन सेवा संचालन समिति ने हड़ताल का आह्वान किया था. चालकों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच और मेडिकल रिपोर्ट के ही गिरफ्तारी कर ली गई, जिससे उनमें आक्रोश है.
शहर में दिखी दो राय
दोपहर तक आते आते चालकों के बीच मतभेद साफ दिखने लगे. टेल्को इलाके में अधिकांश वैन खड़ी रहीं और सड़कों पर गिनती की गाड़ियां ही नजर आईं. वहीं साकची और बिष्टुपुर में स्कूलों के बाहर वैन चालकों की कतारें दिखीं और बच्चे सामान्य रूप से घर लौटे.
अभिभावकों को मिली राहत
सुबह जहां कई माता-पिता बच्चों को स्कूल छोड़ने और लाने में परेशान रहे, वहीं छुट्टी के समय स्थिति बदल गई. वैन सेवा बहाल होने से अभिभावकों ने राहत की सांस ली और शहर के अधिकतर हिस्सों में सामान्य व्यवस्था लौट आई.
आंदोलन कमजोर पड़ता दिखा
बाकी क्षेत्रों में चालकों के काम पर लौटने से हड़ताल का असर सीमित होता नजर आया. अब आंदोलन केवल टेल्को तक सिमटता दिख रहा है.
यह स्थिति बताती है कि एकजुटता के बिना कोई आंदोलन लंबे समय तक टिक नहीं पाता. शहर के अलग अलग हिस्सों में अलग प्रतिक्रिया से यह साफ है कि रोजमर्रा की जरूरतें अंततः विरोध से भारी पड़ती हैं. आगे की दिशा अब चालकों के आपसी फैसले पर निर्भर करेगी.