National: केंद्रीय बजट 2026 में उभरती डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम और दूरदर्शी कदम उठाया है। सरकार ने देशभर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में AVGC (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने की घोषणा की है। इस पहल को युवाओं के लिए नए युग के करियर विकल्प खोलने वाला फैसला माना जा रहा है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान बताया
इस योजना का सीधा लाभ कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल मीडिया से जुड़े छात्रों को मिलेगा। वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान बताया कि इन अत्याधुनिक लैब्स की स्थापना और संचालन में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज की अहम भूमिका होगी, जो छात्रों को इंडस्ट्री के अनुरूप प्रशिक्षण देने में सहयोग करेगा।
इन AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स में छात्रों को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX), वीडियो प्रोडक्शन, गेम डिजाइन, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और एडवांस्ड मीडिया टूल्स पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि छात्र शुरुआती स्तर से ही प्रोफेशनल कंटेंट क्रिएशन की बारीकियां सीखें और उन्हें भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार किया जा सके।
बड़े पैमाने पर निवेश करने का फैसला हुआ
सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में AVGC सेक्टर देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाले उद्योगों में शामिल होगा। अनुमान है कि 2030 तक इस क्षेत्र में करीब 20 लाख कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होगी। इसी संभावित मांग को देखते हुए सरकार ने स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्रिएटिव एजुकेशन में बड़े पैमाने पर निवेश करने का फैसला लिया है।
रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
कंटेंट क्रिएटर लैब्स के जरिए युवाओं को न केवल आधुनिक तकनीक से रूबरू होने का मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री-रेडी ट्रेनिंग भी प्राप्त होगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छात्र पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट क्रिएशन को एक मजबूत और सम्मानजनक करियर विकल्प के रूप में अपना सकेंगे।
भारत को ग्लोबल क्रिएटिव हब बनाने की दिशा बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के युवाओं के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है, जहां टैलेंट तो है लेकिन संसाधनों और सही मार्गदर्शन की कमी रहती है। कुल मिलाकर, बजट 2026 में की गई यह घोषणा भारत को ग्लोबल क्रिएटिव हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।