Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-01-29

Jharkhand NTPC: एनटीपीसी खदानों में गतिरोध, पूर्व विधायक योगेंद्र साव के विरोध से झारखंड सरकार को 100 करोड़ का नुकसान

Jharkhand: झारखंड के चट्टी परियातु और केरेडारी कोयला खदानों में पिछले 15 दिनों से जारी हंगामे ने अब एक गंभीर आर्थिक और कानून-व्यवस्था का रूप ले लिया है। पूर्व विधायक योगेंद्र साव और उनके समर्थकों द्वारा खदानों में उत्पादन और ढुलाई ठप कराए जाने के कारण राज्य सरकार को भारी वित्तीय चपत लगी है।

225 करोड़ का कुल नुकसान, उत्पादन पूरी तरह ठप

एनटीपीसी के अनुसार, इस गतिरोध की वजह से अब तक कुल 225 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। इस कुल राशि में से अकेले झारखंड सरकार को 100 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि हुई है, जबकि शेष नुकसान केंद्र सरकार और अन्य संबंधित राज्यों को उठाना पड़ रहा है।

यह विवाद तब गहराया जब एनटीपीसी ने कोयला परियोजना के लिए अधिगृहित जमीन पर अवैध रूप से बनी योगेंद्र साव की एक फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद से ही समर्थकों द्वारा कोयला ढुलाई और उत्पादन कार्य में लगातार बाधा डाली जा रही है।

हथियारों के साथ खदान में प्रवेश और मारपीट का आरोप

एनटीपीसी प्रबंधन ने जिला प्रशासन को सौंपे पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र के अनुसार लगभग 50-60 महिला और पुरुष पारंपरिक हथियारों से लैस होकर खदान क्षेत्र में घुस रहे हैं। कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की जा रही है और उन्हें काम बंद करने के लिए धमकाया जा रहा है। कोयला ढुलाई में लगे एक ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है, जिसके संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। एनटीपीसी ने पुलिस को सौंपे गए शिकायती पत्र में योगेंद्र साव, मोहम्मद रूस्तम, मुन्ना राणा, यशवंत कुमार और अमित कुमार समेत अन्य को नामजद किया है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार

मामले की गंभीरता को देखते हुए एनटीपीसी ने हजारीबाग के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। कंपनी का कहना है कि यदि विधि-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो उत्पादन शुरू करना असंभव होगा, जिससे नुकसान का आंकड़ा हर दिन बढ़ता जाएगा।

फिलहाल, खदान परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से अब तक किसी बड़ी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एनटीपीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि खदानों के बंद रहने का सीधा असर देश की बिजली आपूर्ति और राज्य के विकास कोष पर पड़ रहा है।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !