Jharkhand News: हाईकोर्ट ने हेवियस कार्पस से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बालिग प्रेमी युगल को एक साथ रहने की अनुमति दे दी है. कोर्ट के समक्ष 22 वर्षीय युवती ने स्पष्ट कहा कि वह अपनी मर्जी से अपने पसंद के युवक के साथ जाना चाहती है और उससे विवाह करना चाहती है.
युवक ने मंदिर में शादी कर साथ रखने की जताई सहमति
सुनवाई के दौरान 23 वर्षीय युवक ने अदालत को बताया कि वह युवती से मंदिर में शादी करेगा और उसे अपने साथ रखेगा. इस पर युवक की मां भी कोर्ट में सामने आई और उन्होंने शादी के बाद युवती को अपने घर में स्वीकार करने पर सहमति जताई.
खंडपीठ ने दी शादी कर घर ले जाने की अनुमति
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति एके राय की खंडपीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए युवक को युवती से शादी कर उसे अपने घर ले जाने की अनुमति प्रदान की. इससे पहले हाईकोर्ट के निर्देश पर चतरा पुलिस के संरक्षण में युवती को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया था.
माता-पिता ने माना बालिग, लेकिन शादी से बनाई दूरी
सुनवाई के दौरान युवती के माता-पिता भी कोर्ट में मौजूद थे. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बालिग है और वह अपनी इच्छा से किसी से भी शादी करने के लिए स्वतंत्र है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे उसकी शादी में शामिल नहीं होंगे.
पांच साल पुराने रिश्ते को मिली कानूनी राहत
मामले में बताया गया कि प्रेमी युगल की दोस्ती पिछले 5 वर्षों से थी और दोनों शादी करना चाहते थे. युवती के माता-पिता इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे और उसे युवक से मिलने से रोक रहे थे. इसी कारण युवक ने हाईकोर्ट में हेवियस कार्पस याचिका दायर की थी.
यह फैसला एक बार फिर यह स्पष्ट करता है कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद से जीवन साथी चुनने का संवैधानिक अधिकार है. कोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हुए कानून के दायरे में प्रेमी युगल को साथ रहने का रास्ता दिखाया है.