Jamshedpur: टाटा पावर मजदूर यूनियन के बैनर तले टाटा पावर के गेट पर कार्यरत मजदूरों ने ठेका प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य ठेका प्रबंधन द्वारा किए जा रहे मजदूरों के शोषण और श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज़ बुलंद करना था।
मजदूरों का आरोप
मजदूरों ने आरोप लगाया कि ठेका प्रबंधन द्वारा उन्हें न तो पे-स्लिप दी जाती है और न ही ओवरटाइम का डबल भुगतान किया जाता है। इसके अलावा कैंटीन के भोजन की खराब गुणवत्ता पर सुधार की मांग करने पर ठेकेदार द्वारा मजदूरों को ट्रांसफर करने और काम से हटाने की धमकियां दी जा रही हैं। इसी क्रम में दो मजदूरों को जबरन साकची पावर हाउस ट्रांसफर कर दिया गया है।
महासचिव कामरेड अंबुज ठाकुर के नेतृत्व में शुरू आंदोलन
यह आंदोलन एटक के कोल्हान प्रमंडल के महासचिव कामरेड अंबुज ठाकुर के नेतृत्व में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि आंदोलन की सूचना पूर्व में ही उपयुक्त डीएलसी और एसडीओ को दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ती आई है और टाटा पावर के मजदूरों की इस लड़ाई में भी पूरी मजबूती से साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने टाटा पावर प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजदूरों की जायज मांगों का समाधान नहीं किया गया तो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया टाटा पावर में चक्का जाम का पूर्ण समर्थन करेगी।
श्रम कानूनों के खिलाफ प्रस्तावित हड़ताल
इस मौके पर एटक के राज्य सचिव कामरेड अशोक यादव भी उपस्थित रहे। उन्होंने मजदूरों को भरोसा दिलाया कि एटक इस लड़ाई को अंतिम चरण तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूरों की इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। यदि टाटा पावर मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं करती और उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो एटक पूरे जिले में टाटा पावर के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेगी। साथ ही उन्होंने 12 तारीख को श्रम कानूनों के खिलाफ प्रस्तावित हड़ताल में टाटा पावर सहित जमशेदपुर की सभी इकाइयों के मजदूरों से शामिल होने का आह्वान किया।
मजदूरों का शोषण अबुआ सरकार बर्दाश्त नहीं
इस बैठक में झारखंड मजदूर यूनियन की उपाध्यक्ष पिंकी सिंह ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि झारखंड में मजदूरों का शोषण अबुआ सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं जेएमएम की ओर से प्रतिनिधि नवमी सिंह ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी मजदूरों के हक की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी रहेगी।
सभी मजदूर नेताओं ने संयुक्त रूप से दी चेतावनी
सभी मजदूर नेताओं ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी कि यदि 11 फरवरी तक मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 12 फरवरी को टाटा पावर का चक्का जाम किया जाएगा।