प्रशिक्षण सत्र में सहायक लोको पायलटों को हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से समझाया गया। सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने डिजिटल माध्यम और पीपीटी के जरिए सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देने की सही विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि देखी जाती है, क्योंकि ठंड में नसों का सिकुड़ना और रक्त का गाढ़ा होना सामान्य दिनों की तुलना में अधिक बढ़ जाता है।
इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि भारत की लगभग 30 प्रतिशत आबादी हाई ब्लड प्रेशर और 12 प्रतिशत आबादी डायबिटीज से ग्रसित है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार की स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार की सुविधा, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं तथा गोल्डन आवर में हार्ट अटैक के मरीजों के लिए टेनेक्टेप्टेस या स्ट्रेप्टोकिनेस इंजेक्शन स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण में कार्डियक अरेस्ट के लक्षण, अचानक चेतना का खो जाना, सांस का रुक जाना और नाड़ी का न चलना, जबकि हार्ट अटैक के लक्षण, सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, हाथों, कंधों व पीठ में दर्द के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि अंग कटे व्यक्ति तथा पेसमेकर लगे व्यक्ति को सीपीआर नहीं दी जाती।
दूसरे सत्र में डेमोन्स्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने प्रशिक्षण केंद्र के प्रांगण में फायर फाइटिंग का अभ्यास कराया। इसमें एलपीजी गैस लीकेज से लगने वाली आग को बुझाने की विभिन्न विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस विंटर प्रशिक्षण शिविर (सीजन–2) में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड कलकत्ता, मालदा और रांची से आए कुल 450 प्रशिक्षणार्थी सहायक लोको पायलट शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण केंद्र के सभी वरीय एवं कनिष्ठ अनुदेशक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में नवयुवक सहायक लोको पायलटों में सुरक्षा और संरक्षा के प्रति गंभीरता और उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला।