Jharkhand News: लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में रविवार को हुए भीषण बस हादसे ने कई परिवारों को झकझोर दिया है. इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है. सभी मृतक छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. घटना के बाद प्रशासन राहत और जांच कार्य में जुटा हुआ है.
मृतकों की पहचान हुई
हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें सीतापति देवी, प्रेमा देवी, सोनामती देवी, रेशन्ति चेरवा, सुखना भुइयां, विजय नगेसिया, लीलावती सोनवानी, रमेश मनिका, फगुआ राम और परशुराम सोनवानी शामिल हैं. प्रशासन द्वारा शवों की पहचान के बाद उन्हें उनके पैतृक गांव भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.
वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थी बस
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक रिजर्व बस वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महुआडांड़ के लोध गांव जा रही थी. बस में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सवार थे.
ब्रेक फेल होने से घाटी में पलटी बस
जैसे ही बस ओरसा घाटी के खतरनाक ढलान पर पहुंची, अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया. चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन अनियंत्रित होकर घाटी में पलट गया. हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री बस के नीचे दब गए.
घटनास्थल और अस्पताल में हुई मौतें
इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी. वहीं गंभीर रूप से घायल पांच अन्य लोगों ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया. मृतकों में चार महिलाएं और छह पुरुष शामिल हैं.
घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल 40 यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है. इसके अलावा 35 से अधिक घायल यात्रियों का उपचार स्थानीय स्तर पर महुआडांड़ में किया जा रहा है.
वाहनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ओरसा घाटी में हुआ यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में वाहनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. भारी वाहनों की नियमित जांच और ऐसे मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता से ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है.