Jharkhand Crime News: ओरमांझी थाना क्षेत्र के मेसरा इलाके में स्वर्णरेखा नदी से एक युवती का शव मिलने के बाद एक सनसनीखेज हत्या का खुलासा हुआ है. यह मामला नगड़ी थाना क्षेत्र की 30 वर्षीय युवती सरिता कुमारी की गुमशुदगी से जुड़ा था. करीब एक माह पहले लापता हुई सरिता की हत्या उसके प्रेमी पियूष कच्छप ने की थी. पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया.
घर से निकली और फिर नहीं लौटी सरिता
मृतका सरिता कुमारी नगड़ी थाना क्षेत्र के बारीडीह बालालोंग की रहने वाली थी और बलिया पाहन की पुत्री थी. परिजनों के अनुसार सरिता एक माह पहले स्कूटी से रांची जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो नगड़ी थाना में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई. इसके बाद से पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी रही.
तकनीकी साक्ष्य से प्रेमी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सरिता के प्रेमी पियूष कच्छप को हिरासत में लिया. कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने हत्या की बात कबूल कर ली. आरोपी ललगुटवा का रहने वाला है.
शादी के दबाव से परेशान था आरोपी
पुलिस को दिए बयान में आरोपी ने बताया कि सरिता उस पर शादी के लिए लगातार दबाव बना रही थी. इसी से छुटकारा पाने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई. पहले उसने सरिता को शराब पिलाई, फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. सबूत मिटाने के इरादे से शव को प्लास्टिक में लपेटा और भारी पत्थर बांधकर स्वर्णरेखा नदी में फेंक दिया.
निशानदेही पर नदी से निकाला गया शव
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम मेसरा ओपी क्षेत्र के बिरसा ग्राम रुदिया स्थित स्वर्णरेखा पुल के पास पहुंची. मेसरा थाना पुलिस के सहयोग से क्रेन और स्थानीय गोताखोरों की मदद लेकर नदी की गहराई से शव को बाहर निकाला गया. शव की पहचान सरिता के हाथ पर बने टैटू और उसके पास मिले आधार कार्ड से की गई.
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में इंस्पेक्टर असित कुमार मोदी और नगड़ी थाना प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने अहम भूमिका निभाई. पुलिस की सक्रियता से एक जघन्य अपराध का पर्दाफाश हो सका.
यह मामला रिश्तों में भरोसे के टूटने और दबाव से उपजे अपराध की भयावह तस्वीर पेश करता है. एक महीने तक गुमशुदगी के रूप में दर्ज मामला आखिरकार हत्या में बदलकर सामने आया. पुलिस की तकनीकी जांच और सतर्कता ने यह साबित किया कि अपराध चाहे जितनी चालाकी से किया जाए, कानून से बच पाना संभव नहीं है.