Chandil News: चांडिल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और कूड़ा डंपिंग का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी तत्वों ने करीब तीन एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है. इस जमीन पर जमशेदपुर से कूड़ा लाकर डंप किया जा रहा है. फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
स्वास्थ्य पर पड़ रहा गंभीर असर
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार कूड़ा डंपिंग के कारण आसपास के इलाके में बदबू और प्रदूषण फैल रहा है. इससे स्थानीय लोगों को सांस से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
क्रशर प्लांट और आयरन छन्नी कारोबार का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इसी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से क्रशर प्लांट और लोहा आयरन छन्नी का कारोबार भी चलाया जा रहा है. उनका कहना है कि यह गतिविधियां पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए घातक हैं. ग्रामीणों ने स्थल का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की.
ग्रामप्रधान ने दी चेतावनी
ग्रामप्रधान कामदेव दास ने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर गैरकानूनी और अनैतिक कार्य किए जा रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने अंचलाधिकारी सहित जिले के वरीय अधिकारियों को लिखित शिकायत देने और अवैध कब्जा हटाने की बात कही है.
प्रशासन पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की चुप्पी से माफियाओं के हौसले बढ़ रहे हैं. उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है. ग्रामीणों ने दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है.
सरकारी जमीन पर कब्जा और कूड़ा डंपिंग का यह मामला सिर्फ भूमि विवाद नहीं बल्कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा करता है. प्रशासन की सक्रियता ही तय करेगी कि स्थिति पर समय रहते नियंत्रण हो पाता है या यह असंतोष आगे चलकर बड़े आंदोलन में बदलता है.