Dhanbad: जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को समय पर इलाज मुहैया कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सम्मान फाउंडेशन द्वारा संचालित 108 एंबुलेंस सेवा के बेड़े में जल्द ही 7 नई एंबुलेंस शामिल होने जा रही हैं। इस विस्तार के बाद जिले में एंबुलेंस की कुल संख्या 35 से बढ़कर 42 हो जाएगी।
मरीजों की बढ़ती परेशानियों का समाधान
वर्तमान में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 35 एंबुलेंस कार्यरत हैं। हालांकि, मरीजों की भारी संख्या और लगातार बढ़ती मांग के कारण अक्सर समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती थी। इसका सबसे बुरा असर उन गंभीर मरीजों पर पड़ता था जिन्हें शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया जाता था।
निजी एंबुलेंस के आर्थिक बोझ से मिलेगी मुक्ति
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, SNMMCH से रांची रेफर होने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। सरकारी एंबुलेंस की कमी के कारण परिजनों को मजबूरी में भारी-भरकम राशि खर्च कर निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता था। नई एंबुलेंस के आने से न केवल आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि गोल्डन ऑवर में मरीजों को सही इलाज मिल सकेगा।
विशेष रूप से रेफरल सेवा के लिए तैनात होंगी एंबुलेंस
सम्मान फाउंडेशन के धनबाद इंचार्ज संजय दशौंधी ने स्पष्ट किया कि इन 7 नई एंबुलेंस का मुख्य उद्देश्य रेफरल प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इन्हें विशेष तौर पर मेडिकल कॉलेज से रिम्स रेफर होने वाले मरीजों की सेवा में लगाया जाएगा।
हमारा लक्ष्य है कि रेफर किए गए किसी भी मरीज को वाहन की कमी के कारण अस्पताल के बाहर इंतजार न करना पड़े। नई एंबुलेंस सीधे तौर पर उच्चस्तरीय इलाज के लिए सेतु का काम करेंगी।
संजय दशौंधी, इंचार्ज, सम्मान फाउंडेशन
स्वास्थ्य सेवाओं में इस वृद्धि से धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह कदम जिले की स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक विश्वसनीय और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।