Jharkhand Politics: रांची में केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने बुधवार को झारखंड भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के चयनित 21 सदस्यों की आधिकारिक घोषणा की. नामों की घोषणा के बाद उन्होंने पार्टी के साथ अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि भाजपा में कार्यकर्ता होना अपने आप में गर्व की बात है.
हार के इरादे से भरा पहला नामांकन
जुएल उरांव ने कहा कि 27 फरवरी 1990 को वे पहली बार विधायक बने थे. उस समय हालात ऐसे थे कि चुनाव हारने की मानसिकता के साथ ही नामांकन किया गया था. उन्होंने बताया कि बीजेडी के संस्थापक नेता बीजू पटनायक भाजपा को कभी साइन बोर्ड पार्टी कहा करते थे. लेकिन समय के साथ भाजपा ने देश की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई.
भाजपा में ही संभव है ऐसा सफर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे आठ बार सांसद रह चुके हैं. दो बार विधायक बने और तीन बार ओडिशा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने यह भी कहा कि अब तक वे भाजपा के 14 राष्ट्रीय अध्यक्षों के साथ काम कर चुके हैं. जुएल उरांव ने कहा कि ऐसा लंबा और विविध अनुभव केवल भाजपा जैसे संगठन में ही संभव है.
आदित्य साहू के नाम की औपचारिक घोषणा
इससे पहले जुएल उरांव ने झारखंड भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में प्रोफेसर आदित्य साहू के नाम की औपचारिक घोषणा की. उन्होंने कहा कि संगठन ने आदित्य साहू पर भरोसा जताया है और उनके नेतृत्व में पार्टी को और मजबूती मिलेगी.
राष्ट्रीय परिषद के 21 सदस्य घोषित
इस अवसर पर भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के लिए झारखंड से चयनित 21 सदस्यों के नाम भी घोषित किए गए. इस सूची में कड़िया मुंडा, अर्जुन मुंडा, समीर उरांव, यदुनाथ पांडेय, चंपाई सोरेन, संजय सेठ, रघुवर दास, दिनेशानंद गोस्वामी, मधु कोड़ा, पीएन सिंह, रवींद्र राय, अमर बाउरी, नीलकंठ सिंह मुंडा, भानू प्रताप शाही, जीतू चरण राम, अभयकांत प्रसाद, डॉ प्रदीप वर्मा, अनंत ओझा, दीपक प्रकाश, अन्नपूर्णा देवी और गीता कोड़ा शामिल हैं.
जुएल उरांव के बयान से भाजपा की संगठनात्मक संस्कृति और कार्यकर्ता आधारित राजनीति का संदेश साफ झलकता है. प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों की घोषणा के साथ ही झारखंड में भाजपा ने संगठन को नई धार देने का संकेत दिया है. आने वाले समय में पार्टी इसी संगठनात्मक मजबूती के सहारे राज्य की राजनीति में अपनी भूमिका और तेज करने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिख रही है.