Boram: पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत बेलडीह पंचायत के जोबा गांव में आयोजित एक भैंसा लड़ाई प्रतियोगिता रविवार को मातम में बदल गई। इस पारंपरिक खेल के दौरान एक अनियंत्रित भैंसे ने दर्शकों पर हमला कर दिया, जिसकी चपेट में आने से 55 वर्षीय सुभाष कर्मकार की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, इस घटना में मृतक का पुत्र भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका उपचार अस्पताल में जारी है।
आइए बताते हैं कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जोबा मैदान में भारी भीड़ के बीच भैंसा लड़ाई का आयोजन किया जा रहा था। इसी दौरान एक भैंसा अचानक बेकाबू होकर भीड़ की तरफ दौड़ पड़ा। भीड़ में मौजूद सुभाष कर्मकार और उनका बेटा खुद को बचाने की कोशिश करने लगे, लेकिन भैंसे ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुभाष कर्मकार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके बेटे का पैर टूट गया है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस की कार्रवाई और अफरा-तफरी
घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम जोबा मैदान पहुंची। पुलिस ने स्थिति को बिगड़ते देख और सुरक्षा के मद्देनजर मेले में जमा भारी भीड़ को खदेड़कर मैदान खाली कराया। हालांकि, क्षेत्र में इस तरह के आयोजनों पर रोक के बावजूद इतनी बड़ी भीड़ जुटना प्रशासन की सतर्कता पर भी सवाल उठा रहा है।
थाना प्रभारी का बयान
इस मामले पर बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने बताया कि उन्हें इस आयोजन की पूर्व में कोई आधिकारिक लिखित सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, "हमें गुप्त सूचना मिली थी कि जोबा मैदान में भारी भीड़ जमा है और हादसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस बल को मौके पर भेजा गया और भीड़ को हटाया गया।" फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अवैध रूप से आयोजन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है। क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और घायलों के बेहतर इलाज के लिए उचित निर्देश दिए गए हैं।