Jamshedpur News: जमशेदपुर के टाटा लीज एरिया में संचालित कई निजी स्कूलों के प्रबंधन द्वारा नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश कक्षा की आरक्षित सीटों पर बीपीएल बस्तियों के बच्चों का नामांकन नहीं लेने की घोषणा की गई है. स्कूल प्रबंधन के इस फैसले से इलाके में रहने वाले गरीब परिवारों के बीच चिंता और नाराजगी का माहौल है. लंबे समय से बेहतर शिक्षा का सपना देख रहे बीपीएल परिवारों के बच्चों के लिए यह फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है.
अधर में लटका गरीब बच्चों का शिक्षा का सपना
अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूलों के इस फैसले से उनके बच्चों का भविष्य अंधेरे में चला गया है. बीपीएल परिवारों के लिए निजी स्कूलों में आरक्षित सीटें ही एकमात्र सहारा थीं, जिसके जरिए वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने की उम्मीद रखते थे. अब जब स्कूल प्रबंधन ने नामांकन से साफ इनकार कर दिया है, तो बच्चों के सपनों पर संकट गहरा गया है.
उपायुक्त को सौंपा जाएगा मांग पत्र
इस फैसले के खिलाफ जमशेदपुर अभिभावक संघ ने आवाज उठाने का निर्णय लिया है. संघ के बैनर तले अभिभावक 09 जनवरी 2026 शुक्रवार को दोपहर 12.30 बजे उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम से मुलाकात करेंगे. इस दौरान उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर निजी स्कूलों के इस निर्णय पर रोक लगाने की मांग की जाएगी. अभिभावकों का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय से जुड़ा हुआ है.
शिक्षा में समान अवसर के बड़ा सवाल
टाटा लीज एरिया के निजी स्कूलों का यह फैसला केवल नामांकन तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह शिक्षा में समान अवसर के सवाल को भी सामने लाता है. बीपीएल बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर नामांकन बंद होना शिक्षा के अधिकार की भावना पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है. अब सबकी नजर जिला प्रशासन पर है कि वह इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और क्या गरीब बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का रास्ता दोबारा खुल पाता है.