Giridih: कहते हैं कि जाको राखे साइयां, मार सके न कोय। यह कहावत बुधवार की रात तिसरी प्रखंड के लोकाय थाना क्षेत्र में उस वक्त चरितार्थ हुई, जब एक भीषण सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की जान बाल-बाल बच गई। लगभग तीन घंटे तक ट्रैक्टर के भारी-भरकम इंजन के नीचे दबे रहने के बाद भी चालक को सुरक्षित निकाल लिया गया।
अनियंत्रित होकर पुल के पास पलटा ट्रैक्टर
घटना बुधवार रात की है, जब एक ट्रैक्टर करमाटांड से आगे पुल के पास से गुजर रहा था। अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर सड़क किनारे पलट गया। हादसा इतना जबरदस्त था कि चालक सीधे ट्रैक्टर के भारी इंजन के नीचे दब गया। रात का अंधेरा और सुनसान रास्ता होने के कारण शुरुआत में चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
3 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत लोकाय थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस बल के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर चालक को निकालने की कोशिश की, लेकिन भारी इंजन होने के कारण कामयाबी नहीं मिली।
अंततः प्रशासन ने एक जेसीबी मशीन मंगवाई। लगभग तीन घंटों की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद, ट्रैक्टर के इंजन को उठाकर चालक को बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि इतनी देर दबे रहने के बाद भी चालक जीवित था।
बेहतर इलाज के लिए जमुई रेफर
ट्रैक्टर के नीचे से निकाले जाने के बाद चालक गंभीर रूप से घायल था। उसे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जमुई रेफर कर दिया। ताजा जानकारी के अनुसार, घायल चालक की स्थिति अब स्थिर बनी हुई है और वह खतरे से बाहर है।
स्थानीय युवाओं की फुर्ती की सराहना
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। लोग पुलिस और स्थानीय युवाओं की फुर्ती की सराहना कर रहे हैं, जिनकी वजह से एक कीमती जान बचाई जा सकी।