Jharkhand Weather Update: शीतलहर और घने कुहासे के कारण पूरे झारखंड में जबरदस्त ठंड पड़ रही है और बुधवार को यह मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया. खूंटी सहित चार जिलों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से नीचे चला गया, जबकि रांची से सटे मैकलुस्कीगंज में पारा गिरकर 0.7 डिग्री तक पहुंच गया. यहां सुबह के वक्त ओस की बूंदें पूरी तरह जम गईं और खेत खलिहान सफेद परत से ढके नजर आए. चीनाटॉड इलाके में पुआल पर जमी ओस बर्फ में तब्दील हो गई, वहीं कई वाहनों पर भी बर्फ जैसी परत देखी गई. ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित रहा और लोग दिन भर धूप निकलने का इंतजार करते दिखे. कांके में न्यूनतम तापमान 2.0 डिग्री दर्ज किया गया.
अगले दो दिनों तक राज्य में कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक राज्य में कड़ाके की ठंड बनी रहेगी. रांची, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, लोहरदगा और गुमला जिलों के लिए शीतलहर और शीतदिवस को लेकर चेतावनी जारी की गई है और यलो अलर्ट लागू किया गया है. ठंडी हवाओं की वजह से दिन में भी कनकनी महसूस की जा सकती है.
पलामू में सबसे घना कुहासा
कुहासे का असर कई जिलों में साफ दिखा. पलामू में सबसे घना कुहासा रहा, जहां दृश्यता घटकर 300 मीटर तक पहुंच गई. देवघर में दृश्यता 600 मीटर दर्ज की गई, जबकि रांची में सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा. ठंड और कुहासे का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा और इंडिगो की कोलकाता रांची तथा पुणे रांची उड़ानें लगभग एक घंटे की देरी से पहुंचीं. मौसम विभाग ने बताया कि दो दिन बाद मौसम में बदलाव की संभावना है, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है.
विभिन्न इलाकों में न्यूनतम तापमान
बुधवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया. मैकलुस्कीगंज 0.7, कांके 2.0, खूंटी 2.1, लोहरदगा 3.7, मेदिनीनगर 4.1, बोकारो 4.4, सिमडेगा 5.2, सरायकेला 5.4, चाईबासा 5.5, हजारीबाग 5.5, रांची 6.6, पाकुड़ 7.4, देवघर 7.6, जमशेदपुर 7.7, कोडरमा 8.2 और लातेहार 8.6 डिग्री दर्ज किया गया.
शीतलहर और कुहासे का असर खेती, यातायात और आम जनजीवन पर
झारखंड में इस बार सर्दी सामान्य से ज्यादा तीखी नजर आ रही है. मैकलुस्कीगंज जैसे इलाकों में बर्फ जमना असामान्य हालात को दर्शाता है. शीतलहर और कुहासे का असर खेती, यातायात और आम जनजीवन पर साफ दिख रहा है, ऐसे में आने वाले दिनों में सतर्कता और ठंड से बचाव जरूरी हो गया है.