Jharkhand News: झारखंड के लिए सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाने पर सहमति बनी है. भारत सरकार ने रांची से साहिबगंज के बीच एक्सप्रेस कनेक्टिविटी विकसित करने, साहिबगंज में गंगा नदी पर नए हाई लेवल पुल के निर्माण और राज्य में चार प्रमुख स्पीड कॉरिडोर तैयार करने में सहयोग का भरोसा दिया है. झारखंड सरकार को इन सभी परियोजनाओं को पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है, ताकि संबंधित प्राधिकार से स्वीकृति लेकर कार्यान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके.
भूमि अधिग्रहण और फॉरेस्ट क्लीयरेंस की स्थिति संतोषजनक
मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में झारखंड की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक हुई. बैठक में राज्य में चल रही और प्रस्तावित एनएच और एनएचएआई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. भूमि अधिग्रहण और फॉरेस्ट क्लीयरेंस की स्थिति को संतोषजनक बताया गया, हालांकि कुछ परियोजनाओं में प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश भी दिए गए.
झारखंड के सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तावित परियोजनाओं का खाका रखा. उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के पूरा होने से झारखंड के सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. औद्योगिक और खनन क्षेत्रों से माल ढुलाई में लगने वाला समय कम होगा. व्यापारिक गतिविधियां आसान होंगी और आम लोगों के लिए यात्रा अधिक सुगम बनेगी. इसके साथ ही पर्यटन को भी नई गति मिलने की संभावना है.
साहिबगंज स्थित मल्टी मोडल टर्मिनल को तेज सड़क संपर्क मिलेगा
सहमति के अनुसार रांची से साहिबगंज तक चार और छह लेन वाला एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे विकसित किया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के बनने से दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 80 से 100 किलोमीटर तक घट जाएगी. साहिबगंज स्थित मल्टी मोडल टर्मिनल को तेज सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे यह कॉरिडोर उर्जांचल, औद्योगिक क्लस्टर और पूर्वी बंदरगाहों से सीधे जुड़ सकेगा. बैठक में झारखंड के पूर्व पश्चिम, उत्तर दक्षिण, पूर्वी और केंद्रीय क्षेत्र को जोड़ने वाले चार स्पीड कॉरिडोर को भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया. सरकार का मानना है कि इन गलियारों के विकसित होने से राज्य के खनन क्षेत्रों और औद्योगिक हब की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा.
इस समीक्षा बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्यमंत्री अजय टम्टा और हर्ष मल्होत्रा, एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव तथा झारखंड सरकार की ओर से पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार उपस्थित रहे.
झारखंड के आर्थिक ढांचे को नई दिशा
रांची-साहिबगंज एक्सप्रेसवे और स्पीड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं झारखंड के आर्थिक ढांचे को नई दिशा दे सकती हैं. सड़क नेटवर्क मजबूत होने से राज्य न केवल औद्योगिक और खनन गतिविधियों में प्रतिस्पर्धी बनेगा, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा. यह परियोजनाएं झारखंड को राष्ट्रीय कनेक्टिविटी के मानचित्र पर अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने की क्षमता रखती हैं.